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भाजपा इतिहास को तोड़-मरोड़ रही, आज देश में अघोषित इमरजेंसी : कांग्रेस

नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में आपातकाल पर एक नया सेक्शन शामिल किए जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा के माध्यम से छात्रों को एकतरफा जानकारी देने और इतिहास को अपने नजरिए से प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है।
 

नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में आपातकाल पर एक नया सेक्शन शामिल किए जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा के माध्यम से छात्रों को एकतरफा जानकारी देने और इतिहास को अपने नजरिए से प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है।

मुंबई में कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतिहास को गलत तरीके से पेश करने, गलत जानकारी फैलाने और तथ्यों को गुमराह करने वाले तरीके से दिखाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को ऐसी बातें सिखाने का प्रयास हो रहा है, जो सही नहीं हैं। उस समय इमरजेंसी आधिकारिक तौर पर घोषित की गई थी और इसे किसी छिपे हुए एजेंडे के तहत लागू नहीं किया गया था। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों की तुलना करते हुए कहा कि आज देश में एक अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थिति है, जहां लोग सरकार के खिलाफ खुलकर बोल नहीं सकते और न ही अपनी असहमति स्वतंत्र रूप से जता सकते हैं।

वडेट्टीवार ने कहा कि यह भाजपा सरकार की ओर से युवा पीढ़ी को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आज के बच्चे काफी समझदार हैं और उनके पास एआई समेत जानकारी के कई स्रोत उपलब्ध हैं। ऐसे में वे स्वयं तथ्यों की जांच-पड़ताल करेंगे और जो कुछ भी उन्हें पढ़ाया या दिखाया जाएगा, उसे बिना जांचे-परखे स्वीकार नहीं करेंगे।

वहीं, लखनऊ में कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि इमरजेंसी देश के इतिहास का हिस्सा है, इसलिए यदि छात्रों को इसके बारे में पढ़ाया जाता है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों को यह भी बताया जाना चाहिए कि इमरजेंसी क्यों लगाई गई थी। इस विषय को निष्पक्ष तरीके से प्रस्तुत किया जाना चाहिए और इसके दोनों पक्षों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। आजकल केवल एक पक्ष को पढ़ाने का चलन बढ़ता जा रहा है, जो उचित नहीं है। बच्चों को बिना किसी भेदभाव के दोनों नजरियों की जानकारी दी जानी चाहिए ताकि वे स्वयं निष्कर्ष निकाल सकें।

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि वह एनसीईआरटी से कहना चाहेंगे कि पाठ्यपुस्तकों में 'चढ़ावा चोरी' का भी उल्लेख किया जाए। बच्चों को यह भी पढ़ाया जाना चाहिए कि भाजपा के लोग चढ़ावा चोरी करते हैं। भगवान राम के नाम पर लूट की गई और देश को नुकसान पहुंचाया गया।

वहीं, रांची में कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भी एनसीईआरटी के इस कदम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह ध्वस्त करने के बाद अब भाजपा और उनके शिक्षा मंत्री छात्रों को दिग्भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रहार किया गया है और अब छात्रों को गुमराह करने की साजिश रची जा रही है। पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को एक विशेष दृष्टिकोण देने की कोशिश की जा रही है, जो शिक्षा के मूल उद्देश्यों के विपरीत है।

--आईएएनएस

पीएसके/एबीएम