भाजपा और वीएचपी ने यूसीसी को जेंडर जस्टिस के लिए बताया जरूरी, विपक्ष बोला- यह आरएसएस का एजेंडा
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों ने यूसीसी बिल पास कर राष्ट्रपति को भेजा है और बंगाल में ड्राफ्ट के लिए कमेटी बनना स्वागत योग्य है।
भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल और विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी यूसीसी को जेंडर जस्टिस के लिए जरूरी बताया। वहीं, सीपीआईएम नेता हन्नान मोल्लाह ने इसे मुसलमानों को खत्म करने का आरएसएस प्रोग्राम बताया, जबकि टीएमसी सांसद डोला सेन ने प्रशासन पर सवाल उठाए।
यूनिफॉर्म सिविल कोड के बारे में बात करते हुए भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, "दूसरे राज्यों जैसे मध्य प्रदेश ने भी यूसीसी से जुड़े बिल पास करके राष्ट्रपति को भेजे हैं। मंजूरी मिलते ही इसे उन राज्यों में लागू कर दिया जाएगा। हालांकि, पश्चिम बंगाल में यूसीसी पर चर्चा करने और इसका ड्राफ्ट बनाने के लिए एक कमेटी बनाने की जो पहल हुई है, वह स्वागत योग्य है। देशभर में बेटियों को बराबर अधिकार मिलने चाहिए, चाहे उनका धर्म या जाति कुछ भी हो, उन्हें बराबर अधिकार मिलने चाहिए। एक से ज्यादा शादियां करने की इजाजत देने वाला नियम भी खत्म कर देना चाहिए।"
पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने राज्य में यूसीसी लागू करने के सीएम सुवेंदु अधिकारी के बयान पर कहा कि यह हमारे मुख्यमंत्री आज नहीं कह रहे हैं। कुछ महीने पहले विधानसभा में विधानसभा के अंदर इसका जिक्र किया था और क्यों नहीं? यूसीसी सुधार सिविल कोड क्यों नहीं होगा? इस देश के हर नागरिक के साथ एक जैसा व्यवहार होना चाहिए। हर नियम और कानून हर नागरिक के लिए एक जैसे होने चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि तलाक के लिए सही वजहें होनी चाहिए, और तलाक लेने के लिए कोर्ट जाना चाहिए। यह सही है। इसी तरह, अगर पति की मौत हो जाती है और उसकी पत्नी को उसकी प्रॉपर्टी में कोई हिस्सा नहीं मिलता और वह बिना सहारे के रह जाती है, तो यह सही नहीं है। इसलिए, जेंडर जस्टिस सुनिश्चित करने और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए, पश्चिम बंगाल में भी एक यूसीसी होना चाहिए जिसमें इन चिंताओं को दूर करने वाले प्रावधान हों।
सीपीआईएम के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने कहा कि यह उनका धर्म है, उनका कर्तव्य है। वह मुसलमानों को खत्म करने के आरएसएस प्रोग्राम का हिस्सा हैं तो अगर आरएसएस प्रोग्राम के मुख्यमंत्री इसे लागू नहीं करेंगे, तो कौन करेगा? यह उनकी मर्जी है, वे करेंगे।
उन्होंने कहा कि उनके पास पावर है। पावर की वजह से वे अंधे हो जाते हैं। अंधे होने के बाद वे गुंडागर्दी, तबाही, सब कुछ करते हैं। वह लोकतंत्र को खत्म कर देंगे, लेकिन कम्युनल नजरिए से उन्हें जो कुछ भी करना है, वह करते रहेंगे।
सीएम सुवेंदु के यूसीसी वाले बयान पर ममता एआईटीसी सांसद डोला सेन ने कहा कि हमारे राज्य में प्रशासन पर जितनी कम टिप्पणी करें, उतना अच्छा है। पिछले 5-6 महीनों में हमने देखा कि उन्होंने जितना ज्यादा बोला, उतना कम काम हुआ। हमने देखा है कि बुलडोजर से कैसे छोटे-छोटे व्यवसायी लोगों की जिंदगी और आजीविका खतरे में डाला जा रहा है। वो ममता बनर्जी की परियोजनाओं का नाम और रंग बदलकर चला रहे हैं। यूसीसी के बारे में दिल्ली में भी बहुत बार सुना है, इधर भी सुन रहे हैं।
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "आगे बढ़िए और जो करना चाहते हैं करिए। यह आपकी सरकार है। आपने मत चोरी कर सरकार बनाई है तो स्वाभाविक है कि आप ऐसे ही कार्य करेंगे। आपके पास कोई ठोस जनहित का मुद्दा नहीं है। इसलिए जो योजना आपने पहले से बना रखी है, उसे पूरा कीजिए, इसमें क्या आपत्ति है।"
उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए आगे बढ़कर जितना चाहें भय का वातावरण बनाइए, जितनी चाहें मस्जिदें गिरा दीजिए, जो करना है कर लीजिए लेकिन मेरी बात याद रखिए, आप अधिक दिन तक सत्ता में नहीं रह सकते। सत्ता में आपके दिन अब गिने-चुने रह गए हैं। देश ने भाजपा को सत्ता से हटाने का निश्चय कर लिया है। जरा सामाजिक माध्यम पर दृष्टि डालिए, आपके अपने लोग ही आपके विरुद्ध स्वर उठा रहे हैं।
--आईएएनएस
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