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बीजद हमेशा से महिला सशक्तीकरण के लिए मजबूती से खड़ी है: मानस मंगराज

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल के पास नहीं होने के बाद बीजू जनता दल के नेता मानस मंगराज ने कहा है कि बीजद हमेशा से महिला सशक्तीकरण के लिए मजबूती से खड़ी रही है और इस विधेयक के सबसे बड़े समर्थकों में से एक थी। विधायिका में महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व दिलाने की हमारी प्रतिबद्धता कभी कमजोर नहीं पड़ी।
 
बीजद हमेशा से महिला सशक्तीकरण के लिए मजबूती से खड़ी है: मानस मंगराज

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल के पास नहीं होने के बाद बीजू जनता दल के नेता मानस मंगराज ने कहा है कि बीजद हमेशा से महिला सशक्तीकरण के लिए मजबूती से खड़ी रही है और इस विधेयक के सबसे बड़े समर्थकों में से एक थी। विधायिका में महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व दिलाने की हमारी प्रतिबद्धता कभी कमजोर नहीं पड़ी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में मानस मंगराज ने लिखा, हालांकि नवीन पटनायक के नेतृत्व में हमने महिला कानून की आड़ में जल्दबाजी में एक परिसीमन बिल पास कराने की नापाक कोशिश का विरोध किया। एक ऐसी कोशिश जिससे ओडिशा और कई अन्य राज्यों को उनके सही हिस्से से वंचित होने का खतरा था। अब वह साजिश नाकाम हो गई है।

उन्होंने लिखा कि यह बात साफ होनी चाहिए। महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही पास हो गया था और 2026 में इसे अधिसूचित भी कर दिया गया था। अगर सरकार महिला आरक्षण को लेकर सचमुच प्रतिबद्ध है तो वह मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के भीतर ही बिना किसी देरी के 33 प्रतिशत आरक्षण लागू कर सकती है। उन्होंने लिखा कि झूठ हार गया है। सच की जीत हुई है।

भारतीय जनता पार्टी के नेता अमर पटनायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सत्यमेव जयते लेकिन सच ने बीजद के नंगे झूठ और महिला-विरोधी एजेंडे को बेनकाब कर दिया है। उन्होंने लिखा कि आज आपने जिस बात का जश्न मनाया, वह 'ओडिशा की कोई जीत' नहीं थी, बल्कि भारत की बेटियों के साथ एक शर्मनाक विश्वासघात था। परिसीमन विधेयक ही वह पुल है, जिसके जरिए एनडीए सरकार की ओर से पारित ऐतिहासिक 'महिला आरक्षण अधिनियम' को आखिरकार लागू किया जाएगा। इसका पुरजोर विरोध करके बीजद ने बिना किसी शक के यह साबित कर दिया है कि वह महिला विरोधी, सशक्तीकरण विरोधी और ओडिशा की आधी आबादी (आधी-आबादी) के भविष्य की विरोधी है।

उन्होंने लिखा कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया, वहीं बीजद ने परिसीमन को रोककर, जो इस आरक्षण को हकीकत बनाता है, महिलाओं को कमजोर करने का रास्ता चुना। उन्होंने लिखा कि ओडिशा के 20 भाजपा सांसद देश के साथ, महिलाओं के साथ और संवैधानिक न्याय के साथ खड़े रहे। परिसीमन ओडिशा को किसी चीज से 'वंचित' नहीं करता, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि एक बढ़ते हुए भारत में हर वोट की गिनती बराबर हो। उन्होंने लिखा कि अपने घटिया दुष्प्रचार से ओडिशा की जनता को गुमराह करना बंद करें।

--आईएएनएस

एसडी/वीसी