बिहार: वेजफेड सम्मेलन में 100 करोड़ के एमओयू साइन, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ: रामकृपाल यादव
पटना, 25 मई (आईएएनएस)। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने सोमवार को वेजफेड द्वारा आयोजित क्रेता-विक्रेता सम्मेलन 2026 का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में कृषि विपणन व्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और सहकारी समितियों के माध्यम से कृषि उत्पादों को सीधे बाजार से जोड़ने पर जोर दिया। सम्मेलन में सहकारी समितियों और कई बड़ी कंपनियों के बीच लगभग 100 करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसे सरकार ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि यह कार्यक्रम बिहार के किसानों के लिए एक नई शुरुआत साबित होगा। सरकार का लक्ष्य किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें विपणन और बेहतर मूल्य दिलाने तक जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में कई बड़ी कंपनियां शामिल हुईं, जिनमें हिंदुस्तान यूनिलीवर, मदर डेयरी और अन्य प्रमुख कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण कंपनियां शामिल हैं, जिनके साथ सहकारी समितियों के समझौते हुए हैं।
मंत्री ने कहा कि बिहार में सब्जियों और कृषि उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन कई बार किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि सरकार इस स्थिति को बदलने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिले। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को बाजार में उचित मूल्य मिलेगा तो उनकी मेहनत और उत्साह दोनों बढ़ेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि बिहार के कई क्षेत्रों में, विशेष रूप से दियारा इलाकों में, सब्जियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है और यह क्षेत्र राज्य की खाद्य आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सरकार इन क्षेत्रों के किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी और उन्हें बाजार से सीधे जोड़ने की व्यवस्था को मजबूत करेगी।
मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य “हर थाली में बिहार की तरकारी” पहुंचाना है। यह केवल एक नारा नहीं है, बल्कि इसे एक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें किसानों की आय बढ़ाने और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को तभी प्राप्त किया जा सकता है, जब बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य मजबूत होंगे और किसान आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे। उन्होंने सहकारिता मॉडल को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार बताया और कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को बेहतर भंडारण, विपणन और प्रसंस्करण की सुविधा मिल रही है।
रामकृपाल यादव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर बीज और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, ताकि उत्पादन बढ़े और गुणवत्ता में सुधार हो। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देगी।
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ बड़ी कंपनियों ने बिहार में टोमैटो कैचप उत्पादन और आलू प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में रुचि दिखाई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कच्चे माल की आपूर्ति में कमी एक चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या पर काम कर रही है, ताकि किसानों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।
मंत्री ने कहा कि सहकारी समितियों को मजबूत बनाकर किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसानों को उनकी उपज का पूरा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को भी उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण सब्जियां और कृषि उत्पाद मिल सकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में कृषि और सहकारिता क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और सरकार इन्हें आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सहकारी मॉडल न केवल किसानों को संगठित करता है, बल्कि उन्हें एक मजबूत आर्थिक आधार भी प्रदान करता है।
अंत में मंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए एक नई दिशा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इस पहल से किसानों की स्थिति में सुधार होगा और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई मिलेगी।
--आईएएनएस
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