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बिहार: तिरहुत स्नातक सीट पर फर्जी मतदाताओं की जांच और पंजीयन की तिथि बढ़ाने की मांग, राजद ने चुनाव आयोग को सौंपा ज्ञापन

पटना, 9 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता पंजीयन को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने चुनाव आयोग से पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने, कथित फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने और प्रक्रिया की निगरानी के लिए विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त करने की मांग की है।
 

पटना, 9 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता पंजीयन को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने चुनाव आयोग से पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने, कथित फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने और प्रक्रिया की निगरानी के लिए विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त करने की मांग की है।

राजद के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की अनुपस्थिति में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव, चित्तरंजन गगन, मदन शर्मा और फैयाज आलम कमाल शामिल थे। ज्ञापन में राजद ने आरोप लगाया कि तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए बड़े पैमाने पर फर्जी मतदाताओं का पंजीकरण किया गया है।

पार्टी ने सीतामढ़ी जिलाधिकारी कार्यालय में प्रतिनियुक्त कर्मी रोहित चौधरी पर एक दल विशेष को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप राजद की ओर से लगाए गए हैं।

राजद का कहना है कि जहां एक ओर कथित फर्जी मतदाताओं का पंजीकरण किया जा रहा है, वहीं विरोधी दलों के समर्थक स्नातक मतदाताओं के पंजीयन प्रपत्र स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन के मुताबिक, आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल कार्यालय, मुजफ्फरपुर ने मतदाता पंजीयन प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 9 सितंबर निर्धारित की थी। राजद ने कहा कि आयुक्त के अवकाश पर रहने के कारण 3 और 4 सितंबर को प्रपत्र जमा नहीं लिए गए। इसके बाद 5 सितंबर को जन्माष्टमी और 6 सितंबर को रविवार होने के कारण प्रक्रिया प्रभावित रही।

राजद ने आरोप लगाया कि 7 सितंबर को एक दल विशेष के संभावित उम्मीदवार द्वारा आयुक्त कार्यालय में हंगामा किए जाने के बाद मतदाता पंजीयन प्रपत्र जमा करने का कार्य बंद कर दिया गया। पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि कथित फर्जी मतदाताओं की जांच कर उनके नाम सूची से हटाए जाएं, पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए और आयुक्त कार्यालय में अतिरिक्त काउंटर खोलकर प्रपत्र जमा कराने की व्यवस्था की जाए। साथ ही बंद किए गए चुनाव आयोग के पोर्टल को दोबारा शुरू करने की मांग की गई है।

राजद ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए किसी वरिष्ठ पदाधिकारी को विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त करने की भी मांग की है, ताकि फर्जी मतदाताओं की जांच के साथ पात्र स्नातक मतदाताओं का पंजीयन सुनिश्चित हो सके।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी