तेज प्रताप यादव के चूड़ा-दही भोज पर बोले शिवानंद तिवारी, तेजस्वी गुम हैं, बड़े भैया छाए हुए हैं
पटना, 14 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार में मकर संक्रांति के मौके पर चूड़ा-दही भोज को लेकर राजनीति का पारा चढ़ा हुआ है। इस बीच राजद के अध्यक्ष लालू यादव के करीबी रहे शिवानंद तिवारी ने तेज प्रताप यादव के चूड़ा-दही भोज के बहाने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को कटघरे में खड़ा किया है।
पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पेज पर लिखा कि आज मकर संक्रांति का दही चूड़ा भोज की राजनीति के रंग में डूबा हुआ है। इस रंग में कोई एक व्यक्ति सराबोर दिखाई दे रहा है तो उसका नाम तेज प्रताप है। तेजस्वी तो बिल्कुल ओझल हैं।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास की ओर इशारा करते हुए आगे लिखा, "10 नंबर में सन्नाटा है। वही 10 नंबर जहां बिहार के कोने-कोने से राजद कार्यकर्ता पहुंचते थे। दही चूड़ा तो बहाना होता था। असल तो नेताओं से देखा-देखी होती थी। दर्शन-परस और दण्ड प्रणाम होता था। सब यहां से नई ऊर्जा के साथ अपने इलाके में लौटते थे।"
उन्होंने कहा कि आज इसकी और ज्यादा जरूरत थी। चुनाव नतीजे से पस्त कार्यकर्ताओं को दिलासा की जरूरत थी। उनको भविष्य के लिए उत्साहित करने की जरूरत थी। लेकिन, जब नेता ही पस्त हैं, मैदान में कहीं नजर ही नहीं आ रहे हैं, ऐसे में भविष्य के लिए दल को कौन ऊर्जान्वित करेगा?
शिवानंद तिवारी ने कहा कि आज तेजस्वी गुम हैं, और तेज प्रताप छाए हुए हैं। जिन लोगों ने तेजस्वी को मुख्यमंत्री की शपथ के लिए तारीख तय करवा दी थी और इस रास्ते में तेज प्रताप को बड़ा अवरोध बताकर उसको निकाल बाहर किया था, पता नहीं वे लोग कहां हैं? दरअसल, बुधवार को जनशक्ति जनता दल के नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव द्वारा अपने सरकारी आवास पर चूड़ा दही भोज का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम की चर्चा बिहार की राजनीति में जमकर होती रही। इस कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और राजद अध्यक्ष लालू यादव के अलावा एनडीए के भी कई नेता पहुंचे। दूसरी ओर राबड़ी देवी का आवास सूना रहा, जबकि यहां हर साल मकर संक्रांति पर चूड़ा दही भोज की दावत होती थी।
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