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बिहार: शेखपुरा में माता-पिता भरण-पोषण वादों की सुनवाई, 27 में से 10 मामलों पर हुई सुनवाई

शेखपुरा, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के शेखपुरा में शनिवार को माता-पिता भरण-पोषण वादों की सुनवाई की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह सुनवाई अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी की अध्यक्षता में की गई।
 

शेखपुरा, 31 अक्‍टूबर (आईएएनएस)। बिहार के शेखपुरा में शनिवार को माता-पिता भरण-पोषण वादों की सुनवाई की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह सुनवाई अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी की अध्यक्षता में की गई।

अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित सुनवाई के दौरान कुल 27 वाद सूचीबद्ध थे, जिनमें से 10 मामलों में संबंधित वादी एवं प्रतिवादी उपस्थित हुए।

उपस्थित पक्षकारों का पक्ष गंभीरतापूर्वक सुना गया। सुनवाई के दौरान नरेश महतो बनाम राजेश कुमार, चिंता देवी बनाम राजकरण वगैरह, श्रीसाव बनाम मुकेश कुमार वगैरह, रामविलास चौधरी बनाम संजय चौधरी एवं अन्य, भोला सिंह बनाम सच्ची कुमारी, किशोरी वर्मा बनाम सुनील वर्मा, मंती देवी बनाम इंजु देवी, सौदागर दास बनाम राजकुमार दास एवं अन्य, सुशीला देवी बनाम पासवान एवं अन्य तथा अर्जुन विश्वकर्मा बनाम संजीत एवं राजेश विश्वकर्मा से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई।

इन मामलों में मुख्य रूप से माता-पिता के भरण-पोषण, संतान के पारिवारिक दायित्वों तथा वृद्धजनों की देखभाल और उनके अधिकारों से जुड़े विषय शामिल थे।

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने कहा कि बदलते समय और भागदौड़ भरी जिंदगी में कई बार वृद्धजन अपने ही परिवार में उपेक्षा का शिकार हो जाते हैं। ऐसे मामले केवल कानूनी विवाद नहीं, बल्कि अपनों से अपेक्षित सम्मान और सहारे की कमी से जुड़ी पीड़ा भी व्यक्त करते हैं। इन मामलों को महज एक फाइल नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। प्रत्येक वृद्धजन को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और समुचित भरण-पोषण का अधिकार है तथा शेखपुरा अनुमंडल प्रशासन उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है।"

अनुमंडल प्रशासन द्वारा ऐसे मामलों की नियमित सुनवाई के माध्यम से वृद्धजनों के कानूनी अधिकारों की रक्षा एवं उन्हें सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक को विधि सम्मत अधिकारों का लाभ मिले तथा वे सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सकें।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी