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बिहार: पितृपक्ष मेले में पिंडदानियों की भारी भीड़, एक दिन में 3.80 लाख श्रद्धालु पहुंचे गयाजी

गयाजी, 29 सितंबर (आईएएनएस)। मोक्ष की नगरी गयाजी में चल रहे पितृपक्ष मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं, पिंडदानियों और तीर्थयात्रियों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार को प्रेतशिला, रामशिला, सीताकुंड, देवघाट, विष्णुपद मंदिर सहित विभिन्न पिंडवेदियों और धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ पिंडदान एवं तर्पण किया।
 

गयाजी, 29 सितंबर (आईएएनएस)। मोक्ष की नगरी गयाजी में चल रहे पितृपक्ष मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं, पिंडदानियों और तीर्थयात्रियों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार को प्रेतशिला, रामशिला, सीताकुंड, देवघाट, विष्णुपद मंदिर सहित विभिन्न पिंडवेदियों और धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ पिंडदान एवं तर्पण किया।

जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को कुल 3,80,600 श्रद्धालु गयाजी पहुंचे। इसके साथ ही पितृपक्ष शुरू होने से अब तक 12,65,800 श्रद्धालु, पिंडदानी और तीर्थयात्री गयाजी पहुंच चुके हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गयाजी में फल्गु नदी के तट और विभिन्न पिंडवेदियों पर पिंडदान एवं तर्पण करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के कारण पितृपक्ष के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग गयाजी पहुंचते हैं। विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, अक्षयवट, प्रेतशिला, रामशिला और सीताकुंड जैसे धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखी जा रही है।

मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से चिकित्सा, आवासन, परिवहन, सहायता केंद्र और अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। मंगलवार को 12,098 तीर्थयात्रियों ने मेडिकल उपचार की सुविधा का लाभ लिया। अब तक 40,908 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। मेला क्षेत्र में बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मंगलवार को 76 लोगों ने व्हीलचेयर की सुविधा का लाभ उठाया, जबकि अब तक 284 श्रद्धालुओं को यह सुविधा दी गई है।

वहीं, खोया-पाया सेल के माध्यम से मंगलवार को 95 बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाया गया। मेला शुरू होने के बाद अब तक 225 लोगों को उनके परिजनों से मिलाया जा चुका है। मेला क्षेत्र में स्थापित कंट्रोल रूम में मंगलवार को 249 शिकायतें प्राप्त हुईं। मेला शुरू होने से अब तक कुल 791 शिकायतें दर्ज की गई हैं। गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में मंगलवार को 1,017 लोगों ने आवासन की सुविधा का लाभ लिया। अब तक यहां कुल 3,032 श्रद्धालु ठहर चुके हैं। श्रद्धालुओं के लिए गंगाजल वितरण की व्यवस्था भी जारी है।

मंगलवार को 4,133 पॉकेट गंगाजल वितरित किए गए, जबकि अब तक कुल 12,581 पॉकेट का वितरण किया जा चुका है। पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पितृवाटिका में ‘एक पेड़ पूर्वजों के नाम’ अभियान के तहत मंगलवार को 49 पौधे लगाए गए। अब तक 156 पौधे लगाए जा चुके हैं। बच्चों और बुजुर्गों को भीड़ में अपने परिजनों से बिछड़ने से बचाने के लिए रिस्ट बैंड भी लगाए जा रहे हैं। मंगलवार को 1,200 लोगों को रिस्ट बैंड लगाए गए, जबकि अब तक 1,721 लोगों को यह सुविधा दी जा चुकी है।

मेला क्षेत्र में भाषा संबंधी परेशानी को दूर करने के लिए एआई आधारित भाषा अनुवाद सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। मंगलवार को 10,495 यात्रियों को इस सुविधा के माध्यम से मदद मिली। अब तक 22,975 यात्रियों को एआई आधारित भाषा अनुवाद के जरिए सहायता प्रदान की जा चुकी है।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी