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‎बिहार: पटना स्नातक चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले की चर्चा के बीच जन सुराज को शिक्षित मतदाताओं से उम्मीद

पटना, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सभी दलों ने ताकत झोंक दी है। इनमें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह ने चुनाव में जातीय समीकरण और राजनीतिक दावों के बजाय शिक्षित प्रतिनिधित्व, बेरोजगार स्नातकों की समस्याओं और बुनियादी सुविधाओं को प्रमुख मुद्दा बनाया है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह के समर्थन से भी चुनावी मुकाबले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ‎
 

पटना, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सभी दलों ने ताकत झोंक दी है। इनमें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह ने चुनाव में जातीय समीकरण और राजनीतिक दावों के बजाय शिक्षित प्रतिनिधित्व, बेरोजगार स्नातकों की समस्याओं और बुनियादी सुविधाओं को प्रमुख मुद्दा बनाया है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह के समर्थन से भी चुनावी मुकाबले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ‎

‎अनुज सिंह का कहना है कि इस बार चुनाव में उन्हें किसी बड़ी चुनौती का सामना नहीं दिख रहा है और वे बड़े अंतर से जीत दर्ज करेंगे। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि लंबे समय से प्रतिनिधित्व के बाद अब शिक्षित और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति को अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि स्नातकों की समस्याओं को मजबूती से उठाया जा सके। ‎

‎उन्होंने आईएएनएस से कहा, “अगर हमारा कोई साथी रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी बेरोजगार है और उसे काम नहीं मिला है तो उसके लिए बेरोजगारी भत्ते की बात उठनी चाहिए।” अनुज सिंह ने प्रत्येक जिले और अनुमंडल मुख्यालय में स्नातक युवाओं के लिए मुफ्त कोचिंग और अच्छी लाइब्रेरी की व्यवस्था की जरूरत बताई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मौका मिलने पर इन मुद्दों को विधान परिषद में प्रमुखता से उठाएंगे।

‎जातीय समीकरण को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि वे पिछड़े, अति पिछड़े, महादलित, अल्पसंख्यक और सवर्ण समाज के लोगों से मिल रहे हैं। उनके मुताबिक, मतदाता शिक्षित हैं और वे किसी के बंधुआ नहीं हैं। अंततः वे अपनी समझ और पसंद के आधार पर मतदान करेंगे। उन्होंने इसे धनबल के बजाय मतदाताओं को अपने मुद्दों से जोड़ने का चुनाव बताया। ‎ ‎

अनंत सिंह के समर्थन को लेकर अनुज सिंह ने उन्हें अपना अभिभावक बताया, लेकिन प्रशांत किशोर और अनंत सिंह के बीच किसी गठबंधन से इनकार किया। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव में पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं होता और विभिन्न दलों के नेता व कार्यकर्ता किसी उम्मीदवार का समर्थन कर सकते हैं। ‎ ‎वहीं, अपने खिलाफ पुराने छेड़छाड़ के मुकदमे और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को लेकर अनुज सिंह ने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।

उन्होंने दावा किया कि 2012 में दर्ज मुकदमा झूठा था और 2022 में कथित तौर पर एआई की मदद से तैयार वीडियो प्रसारित करने वाले व्यक्ति के खिलाफ उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इन मामलों पर उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ‎अब मुकाबले में जातीय समीकरण कितना असर डालेंगे और शिक्षित मतदाताओं के बीच अनुज सिंह का मुद्दा आधारित अभियान कितना प्रभावी होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। पटना स्नातक से जहां एनडीए की ओर से नीरज कुमार चुनावी मैदान में है, वहीं राजद ने दिलीप कुमार को चुनावी मैदान में उतारा है। ‎

‎जिन आठ क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को मतदान होना है, उसमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी सीटों के साथ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, सारण और तिरहुत सीट है। ‎सभी आठ सीटों के लिए कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। ‎स्नातक कोटे की चार सीटों के लिए 90 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। शिक्षक कोटे की चार सीटों के लिए 60 प्रत्याशी मैदान में हैं। सीमित सीटों पर मुकाबले के बावजूद राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव अहम माना जा रहा है।

‎‎--आईएएनएस

‎एमएनपी/डीकेपी ‎ ‎ ‎