बिहार : पप्पू यादव ने बाढ़ पीड़ितों के लिए पहुंचाई राहत सामग्री
पटना, 9 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में गंगा और सोन समेत प्रमुख नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 14 जिलों के 82 प्रखंडों की 491 ग्राम पंचायतों में करीब 35.89 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। ऐसे संकट के बीच पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों के बीच राहत सामग्री और आर्थिक सहायता पहुंचा रहे हैं।
सांसद सुबह से बाढ़ प्रभावित गांवों में निकल रहे हैं और देर रात तक लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। पप्पू यादव मंगलवार रात हाजीपुर पहुंचे और बाढ़ राहत शिविर में रह रहे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने शिविर में भोजन की व्यवस्था का भी जायजा लिया। बुधवार को उन्होंने हाजीपुर के गंगा ब्रिज थाना के पास और तेरसिया इलाके में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान वह सामुदायिक रसोई में पीड़ितों के साथ बैठकर खाना खाते नजर आए।
राहत कार्य के दौरान उन्होंने महिलाओं की स्वच्छता से जुड़ी जरूरतों को भी प्राथमिकता दी। बाढ़ प्रभावित महिलाओं के बीच सैनिटरी पैड सहित आवश्यक सामग्री वितरित की गई। उन्होंने कहा कि आपदा के समय महिलाओं को अपनी प्राकृतिक जरूरतों के लिए किसी तरह की परेशानी या संकोच न हो, यह राहत कार्य का जरूरी हिस्सा है। हर बाढ़ प्रभावित परिवार तक भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आवश्यक सामग्री पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
इससे पहले सांसद ने पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड की रूपस महाजी पंचायत, काला दियारा, रूपस चिरैया और हरदासपुर पंचायत में पहुंचकर बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। वहीं, अरवल जिले के सोनभद्र बंशी प्रखंड के शादीपुर गांव में भी उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं और जरूरतमंद लोगों की मदद की। पप्पू यादव अब तक पटना, वैशाली, सारण, आरा, बक्सर, अरवल और जहानाबाद समेत कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर चुके हैं। गांवों तक पहुंचने के लिए वह ट्रैक्टर और नाव का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
उनके अनुसार, जरूरतमंद बाढ़ पीड़ित परिवारों को अपनी ओर से 500-500 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। सांसद ने राज्य सरकार के राहत इंतजामों पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि करीब 54 लाख परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई इलाकों में पशुओं के लिए भूसा उपलब्ध नहीं है, गायें कई दिनों से खड़ी हैं और बच्चों के लिए दूध तक की समस्या है। उन्होंने कहा कि महिलाएं भी बाढ़ के बीच कई तरह की परेशानियों का सामना कर रही हैं।
पप्पू यादव का कहना है कि संकट की इस घड़ी में गरीबों और जरूरतमंदों के बीच रहकर मानव सेवा करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने सरकार में शामिल लोगों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग बाढ़ पीड़ितों के बीच केवल फोटो सेशन के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि वास्तविक जरूरत प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होने और उन्हें तत्काल राहत उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की सेवा और सहायता का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि बुधवार को भी वे पटना, वैशाली जिलों के गांव का दौरा करेंगे जबकि गुरुवार को वे भागलपुर जिले के बाढ़ पीड़ितों के बीच जाएंगे।
--आईएएनएस
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