बिहार: मोतिहारी में हथियार तस्करों पर शिकंजा, इस वर्ष 52 दोषियों को सजा दिलाकर पुलिस ने बनाया 'अर्धशतक'
मोतिहारी, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब अवैध हथियार रखने और हथियारों के कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। प्रभावी अनुसंधान और सशक्त अभियोजन के जरिए मोतिहारी पुलिस ने इस वर्ष अब तक आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में 52 अभियुक्तों को न्यायालय से सजा दिलाई है। पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण और अवैध हथियारों के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के कार्यालय से जारी आंकड़ों के मुताबिक, एक जनवरी से 14 अक्टूबर 2026 के बीच आर्म्स एक्ट से संबंधित मामलों में दोषसिद्धि के बाद 52 आरोपियों को विभिन्न अवधियों के कारावास की सजा सुनाई गई। इनमें कई दोषियों को दो से तीन वर्ष तक का कठोर कारावास मिला है। पुलिस का जोर केवल अवैध हथियारों की बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायालय में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत कर दोषियों को सजा दिलाने पर भी है।
पुलिस की ओर से जारी सूची में कई मामलों का उल्लेख किया गया है। इनमें पिपराकोठी थाना क्षेत्र के राकेश कुमार और डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के महंथ राम रतन दास को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इनसे जुड़े मामले में एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस की बरामदगी दर्ज है। डुमरियाघाट थाना कांड संख्या 71/19 से संबंधित यह मामला सूची में शामिल है। इसी तरह मलाही थाना क्षेत्र के विकास उपाध्याय को दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा मिली। उसके मामले में एक पिस्टल, अर्धनिर्मित कट्टा का बैरल और अर्धनिर्मित बंदूक बरामद होने का उल्लेख है।
केसरिया थाना क्षेत्र के राजकुमार सिंह उर्फ बुलेट सिंह को एक देसी कट्टा और चार जिंदा कारतूस से जुड़े मामले में तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। पुलिस की सूची में पिपरा थाना क्षेत्र के नंदलाल साईं और अदालत राय को भी तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा मिलने का उल्लेख है। वहीं, कुछ अन्य मामलों में दोषियों को दो से तीन वर्ष तक का सश्रम कारावास दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य उन्हें कानून के दायरे में लाकर न्यायालय से सजा दिलाना है। अवैध हथियार रखने, उनकी आपूर्ति करने और आपराधिक गतिविधियों में उनका इस्तेमाल करने वालों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। पुलिस अनुसंधान और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय बनाकर दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मोतिहारी पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अपराध नियंत्रण की रणनीति में गिरफ्तारी के साथ दोषसिद्धि को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
--आईएएनएस
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