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बिहार में उर्वरकों की भरपूर उपलब्धता, माफिया पर कार्रवाई जारी, 208 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द

पटना, 4 जून (आईएएनएस)। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि राज्य में किसानों के लिए उर्वरकों की किसी प्रकार की कमी नहीं है तथा सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं।
 
बिहार में उर्वरकों की भरपूर उपलब्धता, माफिया पर कार्रवाई जारी, 208 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द

पटना, 4 जून (आईएएनएस)। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि राज्य में किसानों के लिए उर्वरकों की किसी प्रकार की कमी नहीं है तथा सभी जिलों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं।

उन्होंने बताया कि 30 जून तक राज्य में 2.40 मीट्रिक टन यूरिया, 1 मीट्रिक टन डीएपी, 1.25 मीट्रिक टन एनपीके और 0.55 मीट्रिक टन एसएसपी की जरूरत है, जबकि 3 जून तक राज्य में 3.76 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.54 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.38 लाख मीट्रिक टन एनपीके तथा 1.17 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का भंडार उपलब्ध है।

कृषि मंत्री ने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री रोकने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। उर्वरक दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और अनियमितता की सूचना मिलने पर छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष 3 जून तक अनियमितता के विरुद्ध 29 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा 208 प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं।

सिन्हा ने कहा कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने मीठापुर स्थित कृषि विभाग में उर्वरक की उपलब्धता को लेकर गुरुवार को समीक्षा बैठक भी की।

उन्होंने बताया कि मुख्यालय स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल लगातार शिकायतों की जांच कर रहा है। राज्य में उर्वरकों की कालाबाजारी अथवा जमाखोरी संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में उर्वरकों की अवैध निकासी रोकने के लिए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सीमावर्ती 7 जिलों में कुल 2,573 दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 275 दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं। इसके परिणामस्वरूप 19 प्राथमिकी दर्ज की गई, 123 दुकानों की अनुज्ञप्ति रद्द की गई तथा 85 दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी