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बिहार में निर्दलीय एमएलसी के भाजपा में शामिल होने पर राजद सांसद मनोज झा ने उठाए सवाल, अयोग्यता की मांग करेगी राजद

पटना, 1 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय जीत दर्ज करने वाले राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी के भाजपा के समर्थन दिए जाने के बाद सियासी विवाद गहरा गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने दोनों नवनिर्वाचित विधान पार्षदों को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए विधान परिषद के सभापति से हस्तक्षेप करने की अपील की है। राजद के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता और सांसद मनोज कुमार झा ने रविवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होना संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत अयोग्यता का आधार है।
 

पटना, 1 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय जीत दर्ज करने वाले राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी के भाजपा के समर्थन दिए जाने के बाद सियासी विवाद गहरा गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने दोनों नवनिर्वाचित विधान पार्षदों को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए विधान परिषद के सभापति से हस्तक्षेप करने की अपील की है। राजद के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता और सांसद मनोज कुमार झा ने रविवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होना संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत अयोग्यता का आधार है।

उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को विधान परिषद के सभापति के समक्ष उठाएगी और जरूरत पड़ने पर अदालत का भी दरवाजा खटखटाएगी। झा ने कहा कि दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव जीतने के बाद भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने से संबंधित पर्ची प्रदर्शित की थी। उन्होंने दावा किया कि इस घटनाक्रम के वीडियो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि समर्थन देने और किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करने में अंतर है तथा संविधान के प्रावधानों के अनुसार निर्दलीय सदस्य किसी दल में शामिल नहीं हो सकता।

उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) और अनुच्छेद 191(2) का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्वाचन के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होने वाले निर्दलीय सदस्य को सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। झा ने कहा कि राजद इस मामले में चुनाव आयोग को भी सूचित करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जदयू को कमजोर करने के उद्देश्य से दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों को अपने साथ जोड़ा है। झा ने कहा कि इतने बड़े गठबंधन और सत्ता-संसाधनों के इस्तेमाल के बावजूद एनडीए को केवल दो सीटें मिलीं।

उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों से गैर-एनडीए मतदाताओं का संदेश स्पष्ट है। राजद नेता ने कहा कि विधान परिषद के सभापति को इस मामले में निष्पक्ष निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी न्यायालय का रुख करेगी। उन्होंने कहा कि सभापति के सामने यह तय करने का अवसर है कि वे निष्पक्ष संवैधानिक भूमिका निभाते हैं या नहीं। झा ने भाजपा पर चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक अनैतिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल समर्थन का मामला नहीं, बल्कि जनादेश के सम्मान से जुड़ा सवाल है।

उन्होंने कहा कि राजद इस मुद्दे को जनता के बीच भी उठाएगा। उन्होंने इसे जनादेश की चोरी बताते हुए कहा कि भाजपा ने जदयू को राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक करने के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी इस मामले में परीक्षा है। झा ने कहा कि यदि संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन को संरक्षण दिया गया, तो जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने विधान परिषद के सभापति से आग्रह किया कि वे किसी दल के प्रतिनिधि के बजाय निष्पक्ष पीठासीन पदाधिकारी की भूमिका निभाएं।

गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हाल ही में हुए चुनाव में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय राहुल राज ने एनडीए समर्थित जदयू प्रत्याशी आनंद पुष्कर को हराया था। वहीं, तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी ने जदयू के अभिषेक झा को पराजित किया था। शनिवार को दोनों नवनिर्वाचित विधान पार्षद भाजपा कार्यालय में आयोजित विधानमंडल दल की बैठक में शामिल हुए थे। बैठक से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उनका स्वागत किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे।

--आईएएनएस

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