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बिहार में नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी, कोसी-गंडक के बहाव में फिर बढ़ोतरी

पटना, 30 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, घाघरा और बागमती समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इस बीच कोसी और गंडक नदियों के बैराजों से नीचे की ओर छोड़े जा रहे पानी में रविवार दोपहर तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
 

पटना, 30 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, घाघरा और बागमती समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इस बीच कोसी और गंडक नदियों के बैराजों से नीचे की ओर छोड़े जा रहे पानी में रविवार दोपहर तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इससे नदी किनारे के इलाकों में बाढ़ का दबाव बना हुआ है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, वीरपुर बैराज पर कोसी नदी का डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज रविवार दोपहर 2 बजे 1,57,080 क्यूसेक दर्ज किया गया और पानी का बहाव बढ़ रहा था।

रविवार सुबह 10 बजे यहां 1,48,660 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था। वहीं, शनिवार रात 10 बजे यह 1,64,730 क्यूसेक था। इसी तरह वाल्मीकिनगर बैराज पर गंडक नदी का डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज रविवार दोपहर 2 बजे 1,50,200 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो बढ़ रहा है। रविवार सुबह 10 बजे यहां 1,31,500 क्यूसेक पानी था। शनिवार रात 10 बजे डिस्चार्ज 99,800 क्यूसेक दर्ज किया गया था।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पटना जिले के गांधीघाट में गंगा नदी का जलस्तर रविवार सुबह 6 बजे खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर ऊपर था। हालांकि, सोमवार सुबह 8 बजे तक जलस्तर में 14 सेंटीमीटर कमी का अनुमान है।

पटना के हाथीदह में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर रहा और यहां भी अगले 24 घंटे में 15 सेंटीमीटर कमी की संभावना है। पटना के दीघाघाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर नीचे रहा। मनेर में सोन नदी का जलस्तर 36 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया।

वहीं, पटना के श्रीपालपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर नीचे था, लेकिन सोमवार सुबह तक इसमें 90 सेंटीमीटर की वृद्धि होने का अनुमान जताया गया है। भागलपुर जिले के कहलगांव में गंगा खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर और मुंगेर में 60 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया।

उत्तर बिहार में भी कई नदियों का दबाव बना हुआ है। गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक नदी खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर है। खगड़िया में बूढ़ी गंडक 51 सेंटीमीटर और बलतारा में कोसी 65 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कटिहार के कुरसेला में कोसी का जलस्तर खतरे के निशान से 59 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया।

सुपौल के बसुआ में कोसी नदी खतरे के निशान से 86 सेंटीमीटर नीचे है, जहां रविवार रात तक 11 सेंटीमीटर कमी का अनुमान है। सिवान के दरौली में घाघरा नदी 32 सेंटीमीटर नीचे है, लेकिन सोमवार सुबह तक 10 सेंटीमीटर वृद्धि की संभावना है। मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती नदी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर नीचे रही और रविवार शाम तक इसमें 10 सेंटीमीटर कमी का अनुमान है। इस बीच, पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश भी दर्ज की गई।

इंडो-नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में 134 मिलीमीटर, निर्मली में 82 मिलीमीटर, कुरसेला में 57 मिलीमीटर और खगड़िया में 50.4 मिलीमीटर वर्षापात दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 31 अगस्त तक कोसी, बागमती-अधवारा और सोन के जलग्रहण क्षेत्रों में हल्की बारिश, जबकि राज्य के अन्य जलग्रहण क्षेत्रों में हल्की से साधारण बारिश होने की संभावना है।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएसएच