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बिहार में अब चार लाख रुपए वार्षिक आय वालों को भी मिलेगा इलाज के लिए अनुदान

पटना, 3 जून (आईएएनएस)। बिहार में अब चार लाख रुपए वार्षिक आय वालों को भी इलाज के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से अनुदान मिलेगा। बिहार कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में इसकी मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 13 प्रस्तावों की मंजूरी दी गई।
 
बिहार में अब चार लाख रुपए वार्षिक आय वालों को भी मिलेगा इलाज के लिए अनुदान

पटना, 3 जून (आईएएनएस)। बिहार में अब चार लाख रुपए वार्षिक आय वालों को भी इलाज के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से अनुदान मिलेगा। बिहार कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में इसकी मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 13 प्रस्तावों की मंजूरी दी गई।

बैठक के बाद बताया गया कि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से राज्य के मरीजों को इलाज के लिए अनुदान का लाभ प्राप्त करने के लिए पूर्व से निर्धारित वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख रुपए से बढ़ाकर चार लाख रुपए करने की स्वीकृति दे दी गई। बैठक में इसके अलावा औरंगाबाद के नवीनगर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना कर वित्तीय वर्ष 2026-27 से 5 व्यावसायों में प्रशिक्षण प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई।

इसके स्थापना के लिए कुल 38 पदों का सृजन तथा 211.89 लाख रुपए प्रति वर्ष राशि का व्यय एवं भारतीय रेल बिजली कम्पनी लिमिटेड, नबीनगर द्वारा निर्मित परिसर एवं सुविधाएं एकरारनामा के अनुरूप राज्य सरकार को निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने की स्वीकृति भी प्रदान की गई।

दरभंगा में बन रहे भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के लिए चयनित भूखंड में निकटवर्ती नदियों के उड़ाहीकरण से प्राप्त मिट्टी, गाद का उपयोग कर मिट्टी भराई एवं समतलीकरण कार्य करने के लिए जल संसाधन विभाग को प्राधिकृत करने तथा पूर्व से स्वीकृत योजना के अधीन जल संसाधन विभाग को प्राक्कलन के अनुसार राशि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के क्रियान्वयन के लिए 164.51 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। भारत सरकार द्वारा योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है। योजना के तहत सूक्ष्म खाद्य उद्योग स्थापित करने वाले व्यक्तिगत निवेशकों और उद्यमियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपए तक अनुदान दिया जाएगा।

समूह आधारित इकाइयों को भी 35 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान का लाभ मिलेगा। भोजपुर जिला में स्थित बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के गैर लाभुक अवयव के तहत 'इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क की स्थापना' के लिए 31.20 करोड़ रुपए की राशि की लागत पर योजना की स्वीकृति दी गई।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी