बिहार में आंधी और ओलावृष्टि से नुकसान हुए 33 फीसदी फसल का आकलन, जल्द मिलेगी क्षतिपूर्ति
पटना, 30 मार्च (आईएएनएस)। बिहार सरकार मार्च के अंतिम पखवारे में विभिन्न जिलों में आई आंधी-तूफान, असामयिक वर्षापात एवं ओलावृष्टि के कारण फसलों को हुए नुकसान का व्यापक आकलन करवा रही है।
इस संबंध में संबंधित जिलों के जिला कृषि पदाधिकारियों द्वारा क्षति की रिपोर्ट कृषि विभाग को उपलब्ध कराई गई है। प्रभावित किसानों को जल्द ही राहत देते हुए फसल क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। इस संबंध में राज्य के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सोमवार को कहा कि अब तक राज्य के 36 जिलों से प्राप्त प्रतिवेदनों के अनुसार 12 जिलों सहरसा, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल एवं भागलपुर के कुल 111 प्रखंडों में व्यापक फसल क्षति की सूचना प्राप्त हुई है।
इन क्षेत्रों में लगभग 2.06 लाख हेक्टेयर में लगी गेहूं, मक्का, दलहन, तेलहन सहित अन्य फसलों को 33 प्रतिशत अथवा उससे अधिक क्षति होने का आकलन किया गया है। उन्होंने कहा है कि प्रभावित किसानों को नियमानुसार फसल क्षतिपूर्ति के लिए सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है तथा किसानों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को हरसंभव सहायता प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल क्षतिपूर्ति में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, क्योंकि सरकार का मानना है कि सरकारी खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। कृषि मंत्री ने सभी प्रभावित किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके नुकसान की भरपाई के लिए प्रतिबद्ध है तथा जल्द ही राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसान पुनः खेती की तैयारी कर सकें।
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