बिहार को 11.19 लाख पक्के मकानों की शिवराज चौहान ने दी सौगात, गरीब परिवारों को मिलेगा नया घर
पटना, 20 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पटना के ऐतिहासिक बापू सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बिहार के 11 लाख 18 हजार 937 गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान की स्वीकृति की घोषणा की। इन आवासों के निर्माण के लिए 13,427 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश का कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में रहने को मजबूर न रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू होने के बाद से बिहार में अब तक करीब 50 लाख गरीब परिवारों को पक्के आवास दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों को पक्का मकान देना सरकार का एहसान नहीं, बल्कि उनका अधिकार है। मकान केवल ईंट और पत्थर से बनी संरचना नहीं, बल्कि गरीब परिवार के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन का आधार है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में बिहार के लिए 7,90,648 आवास स्वीकृत किए गए, जिनके लिए 9,488 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में 5,20,742 आवासों के लिए 6,249 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। वहीं, अब 11,18,937 नए आवासों की स्वीकृति के साथ दो वर्षों में कुल 24,30,327 आवासों के लिए 29,164 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार ने गरीब परिवारों के लिए कई अतिरिक्त फैसले लिए हैं। पुराने और जर्जर आवासों की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए 80 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। जिन लाभार्थियों के पास आवास निर्माण के लिए जमीन नहीं है, उन्हें जमीन उपलब्ध कराने के लिए एक लाख रुपये देने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नए सर्वे में पात्रता के दायरे को भी व्यापक किया गया है। अब दोपहिया वाहन रखने वाले गरीब परिवारों को केवल इस आधार पर आवास से वंचित नहीं किया जाएगा। इसी तरह मासिक आय की सीमा को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया गया है। पांच एकड़ तक असिंचित या ढाई एकड़ तक सिंचित जमीन रखने वाले गरीब किसान भी आवास योजना का लाभ ले सकेंगे। शिवराज सिंह चौहान ने बिहार में महिला सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे जीविका अभियान की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि राज्य में 43 लाख 27 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। करीब 1.27 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बाकी महिलाओं को भी प्रशिक्षण, ऋण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर लखपति दीदी बनाना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण विकास के साथ-साथ किसानों और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण फसल खराब होने पर किसानों को बीमा योजना के तहत राहत मिलेगी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए हर जिले में सी-मार्ट खोलने की योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी और उनकी आमदनी में इजाफा होगा। शिवराज ने कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प ‘विकसित भारत के लिए विकसित बिहार’ है और बिहार सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनकी सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बिहार के गांवों की तस्वीर बदलने के लिए काम कर रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। वंदे मातरम् को लेकर उन्होंने कहा कि भारत माता की वंदना से जुड़े इस गीत का पूरा सम्मान होना चाहिए। उन्होंने लोगों से भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रीय भावना और देश की एकता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
--आईएएनएस
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