बिहार में खाद्य सुरक्षा पर सख्ती; 531 प्रतिष्ठानों की जांच, 15 के खिलाफ अभियोजन
पटना, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत के निर्देश पर पिछले तीन महीनों में राज्यभर में अब तक 531 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है। इस दौरान खराब और एक्सपायरी खाद्य पदार्थों को जब्त कर नष्ट कराया गया, जबकि दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए और 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई।
खाद्य संरक्षा विभाग के अनुसार, अभियान के तहत होटल, रेस्तरां, मिठाई दुकानों, डेयरी, खाद्य निर्माण इकाइयों और पैकेज्ड पेयजल कारोबारियों की जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण, रसोई की साफ-सफाई, वैध लाइसेंस और खाद्य संरक्षा मानकों के अनुपालन की पड़ताल की गई। पटना में सर्वाधिक 87 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के इस्तेमाल के साथ सभी निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। अनियमितता मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पटना में जांच के दौरान बड़ी मात्रा में खराब और एक्सपायरी खाद्य सामग्री सामने आई। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में लगभग 15,340 लीटर पैकेज्ड पेयजल, 3,456 किलोग्राम मिल्क केक, 155 किलोग्राम गुलाब जामुन, 96 किलोग्राम रसगुल्ला और 170 किलोग्राम मिश्रित मिठाई एवं पनीर से संबंधित कार्रवाई दर्ज की गई है। संपतचक, गौरीचक और आसपास के क्षेत्रों में बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित पैकेज्ड पेयजल इकाइयों की भी जांच की गई।
महादेव इंटरप्राइजेज, त्रिवेणी नीर सहित अन्य इकाइयों में अनियमितताएं मिलने पर पेयजल जब्त किया गया। कुछ इकाइयों में बिना लाइसेंस पैकेजिंग और विभिन्न ब्रांडों के लेबल के इस्तेमाल से जुड़ी कमियां पाई गईं। संबंधित नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। होटल और रेस्तरां में निरीक्षण के दौरान रसोई की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के भंडारण और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र से संबंधित कमियां मिलीं। कुछ जगहों पर शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे गए थे।
21 अक्टूबर को बारबेक्यू नेशन के बुद्ध मार्ग स्थित प्रतिष्ठान से 30 किलोग्राम दुर्गंधयुक्त पनीर और चार किलोग्राम चावल जब्त कर नष्ट किए गए। फ्रेजर रोड स्थित प्रतिष्ठान से 20 लीटर जला हुआ तेल भी जब्त किया गया। वहीं, 22 अक्टूबर को ब्लिंकिट स्टोर से 40 लीटर एक्सपायरी अमूल दूध और एसके नगर के एक स्टोर से एक्सपायरी घी, आटा, मसाले तथा मैदा जब्त कर नष्ट कराया गया। पटना के अलावा रोहतास में 41, सारण में 40, गोपालगंज में 37, सीवान में 27, गया में 26 और वैशाली में 24 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
वैशाली में बिना वैध लाइसेंस संचालित इकाइयों से 22,992 लीटर पैकेज्ड पेयजल जब्त किया गया। बिदुपुर में 328 किलोग्राम मिलावटी पनीर नष्ट कराया गया, जिसका अनुमानित मूल्य 85,280 रुपये था। मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, समस्तीपुर और अन्य जिलों में भी खराब पनीर, एक्सपायरी दूध, मिठाई और खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई की गई। विभाग ने अनियमितता मिलने वाले प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया है।
विभाग द्वारा अधिकारियों को निरीक्षण एवं छापेमारी की रिपोर्ट एक पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। खाद्य संरक्षा अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर जांच व्यवस्था मजबूत की गई है। विभाग के अधिकारियों का दावा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
--आईएएनएस
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