'बिहार में कानून-व्यवस्था खराब होती तो नहीं मिलता प्रचंड बहुमत', विपक्ष के आरोपों पर मंत्री संतोष सुमन
गयाजी, 29 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में हाल ही में हुई कुछ आपराधिक घटनाओं के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। इसी बीच बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष सुमन ने कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार बिहार को 'विकसित राज्य' बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और कानून-व्यवस्था को संभालने में सरकार पूरी तरह सक्षम है।
मंत्री संतोष सुमन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कहीं भी होने वाली आपराधिक घटना दुखद होती है। हम सबको इस बात का दुख है कि सभ्य समाज में इस तरह के दरिंदे भी हैं जो हमारी बेटियों के साथ इस तरह की घटना को अंजाम देते हैं। लेकिन ऐसी बात नहीं है, सरकार पूरी तरह तत्पर है। ऐसे मामलों में प्रशासन त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को धर दबोचती है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री खुद कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हैं और बिहार में स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, "बिहार का लॉ एंड ऑर्डर ठीक है और छिटपुट घटना अगर होती है, तो सरकार और प्रशासन पूरी तरह से तत्पर रहते हैं। कोई भी ऐसा समाज नहीं है, चाहे हम सदियों पहले की भी बात करें या किसी देश की बात करें तो ये घटनाएं घट जाती हैं क्योंकि हमारे समाज में ही कुछ ऐसे लोग हैं जो कानून से भय नहीं खाते।"
मंत्री ने कहा, "समय आ गया है कि कड़ी सजा का प्रावधान हो ताकि उन लोगों को कानून का भय रहे, क्योंकि वो न्यायिक व्यवस्था में छूट जाते हैं। सबको मिलकर इस बात पर सोचना चाहिए। जहां तक लॉ एंड ऑर्डर की बात है तो हम लोग पूरी तरह सक्षम हैं और बिहार में शांति है और शांति के नाम पर ही बिहार में वोट पड़ा है। आज हम अगर प्रचंड बहुमत से सत्ता में आए हैं तो शांति के नाम पर ही वोट मिला है।"
उन्होंने कहा, "एनडीए ही बिहार का कायाकल्प कर सकती है, बिहार को विकसित राज्यों में शामिल कर सकती है। इसलिए लॉ एंड ऑर्डर की क्या समस्या, जो भी हो हम उसको निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं।"
वहीं, विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर भी मंत्री संतोष सुमन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "बेतुकी बातें करना तो जैसे विपक्ष की आदत सी हो गई है। अब क्या कोई भी किसी का भी इस्तीफा मांग सकता है, किसी पर भी आरोप लगा सकता है। हमें बोलने की स्वतंत्रता मिली है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते रहें। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जो 140 करोड़ की आबादी वाले देश में करीब 100 करोड़ मतदाताओं का प्रबंधन कर सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न कराती है, चाहे वह लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव। पिछली बार बिहार में एक भी जगह री-पोल नहीं हुआ। यह चुनाव आयोग की कार्यकुशलता और हमारी प्रशासनिक क्षमता का प्रमाण है।"
मंत्री ने कहा, "कुछ लोग ऐसी बातें कर रहे हैं कि आयोग के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है, लेकिन चुनाव आयोग ने सबके सामने आकर स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी कोई बात नहीं है। जो भी असहमति हुई थी, वह दूसरे विषयों को लेकर थी। एसआईआर को लेकर जो तीनों निर्णय लिए गए हैं, वे आपसी सहमति से लिए गए हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि अब इस मुद्दे पर कुछ और कहने की जरूरत है। विपक्ष का काम ही हंगामा करना और अफवाह फैलाना है, लेकिन आज जनता सजग और समझदार है, और यही वजह है कि विपक्ष का बुरा हाल है।"
--आईएएनएस
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