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बिहार : गयाजी में पितृपक्ष मेला की तैयारी में जुटा पर्यटन विभाग, श्रद्धालुओं के लिए होंगे खास इंतजाम, ई-पिंडदान की भी सुविधा

पटना, 8 सितंबर (आईएएनएस)। गया में 25 सितंबर से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन विभाग की ओर से आवासन, हेल्पलाइन, अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र, ई-रिक्शा और प्रशिक्षित पर्यटक गाइड समेत कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 2,500 बेड की क्षमता वाली टेंट सिटी का निर्माण कराया जा रहा है।
 

पटना, 8 सितंबर (आईएएनएस)। गया में 25 सितंबर से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन विभाग की ओर से आवासन, हेल्पलाइन, अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र, ई-रिक्शा और प्रशिक्षित पर्यटक गाइड समेत कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 2,500 बेड की क्षमता वाली टेंट सिटी का निर्माण कराया जा रहा है।

साथ ही मेले से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विशेष हेल्पलाइन और अस्थायी पर्यटक सूचना केंद्र भी तैयार किया जा रहा है। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला इस वर्ष 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के गया पहुंचने की संभावना है। पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने अधिकारियों को मेले से संबंधित सभी तैयारियां समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए फल्गु नदी के तट पर महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

जरूरतमंद श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए ई-रिक्शा का संचालन होगा। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सहायता के लिए प्रशिक्षित पर्यटक गाइडों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर तोरण द्वार के साथ सूचना एवं मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाएगी तथा पितृपक्ष से जुड़ी जानकारियों वाले ब्रॉशर उपलब्ध कराए जाएंगे। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से श्रद्धालुओं के लिए यात्रा पैकेज और ई-पिंडदान की व्यवस्था भी की जा रही है।

पर्यटन विभाग इस बार मेले के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पहली बार “पितृपक्ष मेला एक इन्फ्लूएंसर की नजर से” प्रतियोगिता भी आयोजित कर रहा है। इसके माध्यम से सोशल मीडिया पर बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले इन्फ्लूएंसर को प्रोत्साहित किया जाएगा। पर्यटन सचिव ने कहा कि गया केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र नहीं है, बल्कि बिहार की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप गयाजी क्षेत्र में पर्यटन विकास की विभिन्न योजनाओं को गति दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विष्णुपद मंदिर के चारों ओर विश्वस्तरीय कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव है। इससे मंदिर परिसर के विकास, श्रद्धालुओं की आवाजाही, दर्शन व्यवस्था, सुविधाओं और क्षेत्र के सौंदर्यीकरण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए 1,000 बेड वाले आधुनिक गयाजी धर्मशाला के निर्माण की योजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। करीब 120 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना में विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर, डुंगेश्वरी मंदिर और गुरपा पहाड़ी को शामिल किया गया है। पात्र लाभार्थियों को 11 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। इससे स्थानीय परिवारों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा गया-बोधगया क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

--आईएएनएस

एमएनपी/पीएम