भू-सर्वेक्षण कार्यों में लापरवाही पर गिरेगी गाज, गुणवत्ता और समय सीमा का रखें विशेष ध्यान: निदेशक
शेखपुरा, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। निदेशक भू-अभिलेख एवं परिमाप सुहर्ष भगत की अध्यक्षता में समारणालय स्थित मंथन सभागार में समीक्षा बैठक आहुत की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रहे विशेष सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना तथा लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन कराने हेतु दिशा-निर्देश भी दिए। जिले के सर्वे कार्य को निर्धारित समय के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करना है। साथ ही कार्य केवल पूरा करना ही काफी नहीं है, उसकी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। धरातल पर किसी प्रकार की तकनीकी या व्यवहारिक समस्या आती है, तो उसे दबाने के बजाय तत्काल संबंधित वरिष्ठ पदाधिकारियों से संपर्क कर उसका निराकरण भी कराएं। और यदि कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बरतने वाले कर्मियों और पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
निदेशक ने बैठक में एक गंभीर मुद्दे पर चर्चा की, जहां अक्सर यह देखा जा रहा है कि एक ही पैतृक या निजी भूमि के मामले में एक भाई के नाम पर जमीन दर्ज कर दी जा रही है, जबकि दूसरे भाई की हिस्सेदारी वाली जमीन को 'सरकारी जमीन' घोषित कर दिया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे संवेदनशील मामलों की सूक्ष्मता से जांच की जाए ताकि किसी भी रैयत (भूमि स्वामी) के साथ अन्याय न हो।
सर्वे प्रक्रिया की स्थिति सभी 284 मौजों में कार्य प्रगति पर प्रपत्र 20 (अंतिम प्रकाशन) 223 मौजों में पूर्ण लंबित मौजा 61 (प्रपत्र 08 एवं प्रपत्र 14 के स्तर पर) निदेशक ने शेष 61 मौजों में प्रपत्र 08 और 14 की लंबित प्रक्रियाओं को अविलंब पूरा करने का सख्त आदेश दिया है ताकि शेखपुरा जिला राज्य रैंकिंग में बेहतर पायदान पर बना रहे। बैठक के समापन के अवसर पर जिले की परंपरा के अनुसार अतिथियों का सम्मान किया गया। जिला पदाधिकारी द्वारा मुख्य अतिथि सुहर्ष भगत को भगवान विष्णु की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, जिले के विकास और राजस्व कार्यों में बेहतर समन्वय हेतु जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, और भूमि सुधार उप समाहर्ता को पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस बैठक में राजस्व विभाग के तमाम वरीय अधिकारी, अमीन, कानूनगो और सर्वेक्षण कर्मी उपस्थित रहे।
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