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भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कांग्रेस ने किया स्वागत, कहा- सभी धर्मों का सम्मान जरूरी

भोपाल, 14 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुस्लिम पक्ष की याचिका पर केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और हिंदू पक्षकारों को नोटिस जारी किए जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल पूजा जारी रखने की अनुमति दी है और शुक्रवार की नमाज के लिए अलग खुली जगह की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इस फैसले पर कांग्रेस प्रवक्ता आवाज हफीज और कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। दोनों नेताओं ने कहा कि विवादों के बजाय जनता के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
 

भोपाल, 14 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुस्लिम पक्ष की याचिका पर केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और हिंदू पक्षकारों को नोटिस जारी किए जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल पूजा जारी रखने की अनुमति दी है और शुक्रवार की नमाज के लिए अलग खुली जगह की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इस फैसले पर कांग्रेस प्रवक्ता आवाज हफीज और कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। दोनों नेताओं ने कहा कि विवादों के बजाय जनता के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता आवाज हफीज ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भोजशाला का पूरा विवाद मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों का परिणाम है। राज्य सरकार ने दबाव बनाकर निचली अदालतों से ऐसे फैसले कराए, जिनसे एक वर्ग के अधिकार प्रभावित हुए। सुप्रीम कोर्ट में आगे की सुनवाई के दौरान स्टेटस को बनाए रखने संबंधी निर्देश भी दिए जाएंगे। फिलहाल उनकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि किसी भी समुदाय के अधिकारों का हनन न हो। उन्होंने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि सरकार आखिर चाहती क्या है। सरकार के पास अपनी उपलब्धियां बताने के लिए कोई ठोस आधार नहीं है और वह लोगों का ध्यान महंगाई, बेरोजगारी तथा अन्य जनसरोकारों से हटाकर हिंदू-मुस्लिम विवादों की ओर मोड़ना चाहती है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि समाज के दो समुदायों के बीच किसी प्रकार का तनाव पैदा होता है तो उसकी जवाबदेही सरकार पर ही होगी। सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिनसे प्रदेश में शांति और भाईचारा कायम रहे, न कि विवादों को बढ़ावा मिले।

वहीं, कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश में जितनी जल्दी धार्मिक और ऐतिहासिक विवाद समाप्त होंगे, उतना ही देश के हित में होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार ऐसे विवादों को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता का ध्यान मूल समस्याओं से भटका रही है। आज देश के सामने बेरोजगारी, गरीबी, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन सरकार का ध्यान इन विषयों पर नहीं है। सरकार को अपने राजनीतिक विमर्श का केंद्र आम लोगों के जीवन से जुड़े वास्तविक मुद्दों को बनाना चाहिए, न कि धार्मिक विवादों को।

उन्होंने आगे कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है, जहां सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान होना चाहिए। गुरुद्वारों में भजन-कीर्तन और लंगर चलता रहे, मस्जिदों में नमाज होती रहे, मंदिरों में पूजा-अर्चना होती रहे और चर्चों में प्रार्थनाएं जारी रहें। यह देश बहुत समृद्ध विविधता का देश है। विवाद बढ़ाने के लिए नहीं होते हैं, विवाद खत्म करने के लिए होते हैं। मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सभी को मानना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके