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भिलावा: पाचन, त्वचा और जोड़ों के दर्द में चमत्कारी लाभ, पर सावधानी जरूरी

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। आयुर्वेद में भिलावा को एक बेहद प्रभावशाली औषधि माना गया है। इसे कई रोगों में उपयोग किया जाता है, खासकर पाचन संबंधी समस्याओं, त्वचा रोगों और जोड़ों के दर्द में। भिलावा देखने में साधारण फल जैसा लगता है, लेकिन इसके गुण बहुत ही शक्तिशाली होते हैं। सही तरीके और सही मात्रा में इस्तेमाल किया जाए तो यह कई पुरानी परेशानियों में राहत दे सकता है।
 
भिलावा: पाचन, त्वचा और जोड़ों के दर्द में चमत्कारी लाभ, पर सावधानी जरूरी

नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। आयुर्वेद में भिलावा को एक बेहद प्रभावशाली औषधि माना गया है। इसे कई रोगों में उपयोग किया जाता है, खासकर पाचन संबंधी समस्याओं, त्वचा रोगों और जोड़ों के दर्द में। भिलावा देखने में साधारण फल जैसा लगता है, लेकिन इसके गुण बहुत ही शक्तिशाली होते हैं। सही तरीके और सही मात्रा में इस्तेमाल किया जाए तो यह कई पुरानी परेशानियों में राहत दे सकता है।

भिलावा का सबसे बड़ा फायदा पाचन तंत्र पर पड़ता है। जिन लोगों को कब्ज, अपच, गैस, पेट फूलना या बार-बार पेट खराब होने की समस्या रहती है, उनके लिए भिलावा उपयोगी माना जाता है। यह पेट के कीड़ों को खत्म करने में भी मदद करता है और भूख बढ़ाता है। पाचन सही होने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और थकान भी कम महसूस होती है।

त्वचा रोगों में भी भिलावा का उपयोग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। एक्जिमा, मुंहासे, सोरायसिस और सफेद दाग जैसी समस्याओं में इसका प्रयोग आयुर्वेद में किया जाता है। इसके सूजनरोधी और जीवाणुरोधी गुण त्वचा की पुरानी समस्याओं में राहत देते हैं। हालांकि, इसका तेल या लेप सीधे लगाने से पहले शोधन जरूरी होता है, वरना जलन हो सकती है।

जोड़ों के दर्द और गठिया के मरीजों के लिए भी भिलावा लाभकारी माना जाता है। इसके तेल से मालिश करने से सूजन कम होती है और चलने-फिरने में आराम मिलता है। कई आयुर्वेदिक वैद्य इसे अंदरूनी रूप से भी देते हैं, जिससे पुराने दर्द में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलता है।

इसके अलावा भिलावा यौन स्वास्थ्य में सुधार, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और दमा जैसी श्वसन समस्याओं में भी सहायक माना गया है। बालों के झड़ने और समय से पहले सफेद होने की समस्या में इसके तेल का उपयोग किया जाता है।

हालांकि भिलावा के फायदे जितने ज्यादा हैं, उतनी ही सावधानी भी जरूरी है। यह स्वभाव से गर्म और तीक्ष्ण होता है। बिना शोधन और बिना विशेषज्ञ की सलाह के इसका सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। गर्भवती महिलाएं, बच्चे और कमजोर शरीर वाले लोगों को इससे दूर रहना चाहिए।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम