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भरूच में 34 महीनों में देश का पहला 8-लेन केबल ब्रिज तैयार, वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे का अहम हिस्सा

भरूच, 25 मार्च (आईएएनएस)। वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा नर्मदा नदी पर 34 महीनों की मेहनत के बाद 8-लेन का आइकोनिक केबल-स्टेड ब्रिज तैयार किया गया है।
 
भरूच में 34 महीनों में देश का पहला 8-लेन केबल ब्रिज तैयार, वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे का अहम हिस्सा

भरूच, 25 मार्च (आईएएनएस)। वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा नर्मदा नदी पर 34 महीनों की मेहनत के बाद 8-लेन का आइकोनिक केबल-स्टेड ब्रिज तैयार किया गया है।

यह ब्रिज वडोदरा-मुंबई सेक्शन के “पैकेज-1” में स्थित है और 2.92 किमी लंबा है। निर्माण के दौरान आधुनिक इंजीनियरिंग और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

ब्रिज के निर्माण में केबल-स्टेड डिजाइन अपनाया गया है। इसमें ऊंचे पाइलन (टावर) से मजबूत स्टील केबल के माध्यम से डेक को सहारा दिया गया है। इस 8-लेन ब्रिज पर एक साथ बड़ी संख्या में वाहन आसानी से गुजर सकेंगे, जिससे यातायात का दबाव कम होगा। इसके निर्माण में भारी यातायात और दीर्घकालीन उपयोग को ध्यान में रखा गया है।

सुरक्षा के लिए ब्रिज में आधुनिक मानकों को लागू किया गया है। इसमें स्ट्रक्चरल मॉनिटरिंग सिस्टम, मजबूत गर्डर और वायुरोधी (एयरोडायनामिक) डिजाइन शामिल हैं, जो इसे स्थायित्व और सुरक्षा के लिहाज से सक्षम बनाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस ब्रिज का निर्माण तकनीकी दृष्टि से देश में एक नई मिसाल स्थापित करता है।

वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में से एक है। यह एक्सप्रेसवे गुजरात और महाराष्ट्र के बीच तेज और सुगम कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसके पूरा होने के बाद वडोदरा और मुंबई के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा। इसके साथ ही व्यापार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह ब्रिज केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि आधुनिक भारत के विकास और प्रगति का प्रतीक बन गया है। इसके निर्माण ने इंजीनियरिंग की उन्नत तकनीकों और टिकाऊ निर्माण के महत्व को दर्शाया है।

भरूच के इस ब्रिज का उद्घाटन न केवल यातायात को सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि देश के सड़क परिवहन नेटवर्क में एक नई पहचान भी स्थापित करेगा। आने वाले वर्षों में यह ब्रिज वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे की आकर्षक और तकनीकी दृष्टि से उन्नत संरचना के रूप में लोगों के लिए पर्यटन और इंजीनियरिंग का केंद्र भी बन सकता है।

--आईएएनएस

एबीएम/