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'भारतीय तीरंदाजों का स्वर्णिम प्रदर्शन देश के लिए गर्व का क्षण', एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन पर बोले अर्जुन मुंडा

रांची, 30 सितंबर (आईएएनएस)। आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने एशियन गेम्स में भारतीय तीरंदाजों के शानदार प्रदर्शन पर हर्ष जताते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कंपाउंड आर्चरी में तीन स्वर्ण पदक हासिल करना और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करना देश के लिए गौरव की बात है।
 

रांची, 30 सितंबर (आईएएनएस)। आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने एशियन गेम्स में भारतीय तीरंदाजों के शानदार प्रदर्शन पर हर्ष जताते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कंपाउंड आर्चरी में तीन स्वर्ण पदक हासिल करना और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करना देश के लिए गौरव की बात है।

रांची स्थित अपने आवास पर बुधवार शाम एक प्रेसवार्ता में मुंडा ने कहा कि आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के तौर पर उन्हें भारतीय तीरंदाजों के प्रदर्शन पर गर्व है। उन्होंने कहा कि देश में खेलों के लिए बेहतर माहौल बन रहा है और तीरंदाजी में भी खिलाड़ियों ने लगातार अपनी क्षमता साबित की है। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में भारत ने कंपाउंड आर्चरी की महिला टीम, मिक्स्ड टीम और पुरुष टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर तीनों स्वर्ण अपने नाम किए हैं। महिला टीम ने चीन को 238-234 से हराकर खिताब का बचाव किया। मिक्स्ड टीम में चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव ने शूट-ऑफ में जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक के कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए कोटा हासिल किया।

अर्जुन मुंडा ने पुरुष टीम के प्रदर्शन की भी सराहना की। साहिल जाधव, गणेश और कुशल की टीम ने चीन को 238-237 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कहा कि शुरुआत में पीछे रहने के बावजूद भारतीय तीरंदाजों ने दबाव में लगातार सटीक निशाने लगाए। यह खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और तैयारी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय तीरंदाजी की ताकत केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों और सुदूर इलाकों से आने वाले कई तीरंदाज अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों को अवसर और एक्सपोजर देना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी आने वाली पीढ़ियों के लिए संपदा की तरह हैं। मुंडा ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए नियमित कार्य योजना लागू करने पर काम किया जाएगा। उन्होंने तीरंदाजी के राष्ट्रीय प्रायोजक एनटीपीसी के प्रति भी आभार जताया और कहा कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में संस्थागत सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी का संबंध आदिवासी और ग्रामीण जीवन की परंपराओं से भी रहा है। झारखंड में तीरंदाजी को और बढ़ावा देने के लिए एशिया कप और एशियन आर्चरी चैंपियनशिप जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार इसमें रुचि दिखाती है तो झारखंड के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने और सीखने का बेहतर एक्सपोजर मिलेगा। मुंडा ने कहा कि हाल के दिनों में पैरा आर्चरी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि देश में तीरंदाजी के लिए तैयार हो रहे माहौल को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि आर्चरी प्रीमियर लीग का दूसरा सीजन आठ अक्टूबर से हैदराबाद में शुरू होगा, जिसमें दुनिया भर के तीरंदाज हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा और अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा।

--आईएएनएस

एसएनसी/डीकेपी