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भारतीय सेना का सैन्य कौशल, इंग्लैंड में जीता जटिल पेट्रोलिंग का स्वर्ण पदक

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंग्लैंड के वेल्स में आयोजित कैम्ब्रियन पेट्रोलिंग 2026 प्रतियोगिता में भारतीय दल ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। सेना के जवान यहां करीब 48 घंटे तक दुर्गम पहाड़ी इलाकों में लगातार आगे बढ़ते रहे।
 

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंग्लैंड के वेल्स में आयोजित कैम्ब्रियन पेट्रोलिंग 2026 प्रतियोगिता में भारतीय दल ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। सेना के जवान यहां करीब 48 घंटे तक दुर्गम पहाड़ी इलाकों में लगातार आगे बढ़ते रहे।

हर कदम पर शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और सैन्य कौशल की परीक्षा थी। कठिन रास्तों पर आगे बढ़ने के साथ दुश्मन की टोह लेना, सही दिशा पहचानना, घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालना और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तुरंत निर्णय लेना भी जरूरी था। इन सब चुनौतियों को पार करके जवानों ने अपना मिशन बखूबी पूरा किया।

इस कामयाबी के साथ ही भारतीय सेना की असम रेजिमेंट के जवानों ने ब्रिटेन में अपनी बहादुरी, दमखम और सैन्य कौशल का लोहा मनवाया है। यहां दुनिया भर की 100 से अधिक टीमों के बीच कड़ी चुनौती व प्रतिस्पर्धा थी। चुनौती का सामना करते हुए भारतीय जवान उन चुनिंदा 10 टीमों में शामिल रहे, जिन्हें स्वर्ण पदक मिला।

सेना के मुताबिक यह कोई सामान्य सैन्य प्रतियोगिता नहीं थी। ब्रिटिश सेना की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियां तैयार की जाती हैं। समय की सख्त सीमा और कठिन सैन्य कार्यों के बीच टीमों को अपनी क्षमता साबित करनी होती है। ऐसे में सफलता के लिए केवल शारीरिक ताकत ही नहीं, बल्कि सूझबूझ, अनुशासन, नेतृत्व और साथियों के बीच बेहतरीन तालमेल भी जरूरी होता है। ऐसी जटिल परिस्थितियों में असम रेजिमेंट के जवानों ने सामने आई सभी कसौटियों पर शानदार प्रदर्शन किया। कठिन भूभाग और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच उनके समन्वय, धैर्य और अभियान कौशल ने भारतीय सेना की उच्च प्रशिक्षण क्षमता को प्रदर्शित किया।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह स्वर्ण पदक भारतीय सैनिकों की कठोर मेहनत, मजबूत इच्छाशक्ति और हर चुनौती के लिए तैयार रहने के जज्बे का प्रमाण है। यह चुनौती दुनिया की सबसे कठिन सैन्य गश्ती प्रतियोगिताओं में शामिल है। इस आयोजन में भारतीय दल की सफलता ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सेना की पेशेवर क्षमता को नई पहचान दी है। कठिन रास्ते, चुनौतीपूर्ण अभियान और दुनिया की 100 से अधिक टीमों के बीच यह स्वर्णिम जीत मिली है।

असम रेजिमेंट के जवानों ने अपने प्रदर्शन से साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प, सटीक रणनीति और टीम भावना के दम पर बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसके