'भारतीय सिनेमा ने खोया बेमिसाल अभिनेता', नाना पाटेकर के निधन पर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और दिग्गज नेताओं ने जताया शोक
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। 75 वर्षीय अभिनेता के निधन पर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, "प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी 'पद्म श्री' नाना पाटेकर का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।"
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'एक्स' पोस्ट में कहा कि प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली संवाद से भारतीय सिनेमा में एक विशिष्ट पहचान बनाई। विभिन्न भूमिकाओं में उनके जीवंत अभिनय ने हिंदी सिनेमा को समृद्ध किया। उनका निधन फिल्म व कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने लिखा, "महान अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन की दुखद खबर सुनकर गहरा सदमा लगा। भारतीय सिनेमा ने अपनी सबसे दमदार, सच्ची और बेमिसाल आवाजों में से एक को खो दिया है। नाना जी ने सिर्फ किरदार नहीं निभाए, उन्होंने हर भूमिका में बेबाक और असली सच्चाई को जीवंत कर दिया। 'परिंदा', 'क्रांतिवीर' और 'प्रहार' की जबरदस्त ऊर्जा से लेकर 'अब तक छप्पन' की गहरी तीव्रता तक, उनकी कला ने एक ऐसा मानक स्थापित किया, जिसके करीब पहुंचने की उम्मीद भी बहुत कम लोग कर सकते हैं।"
उन्होंने आगे लिखा, "सिनेमा की दुनिया से परे, उनका सादापन, गहरा विनम्र स्वभाव और सामाजिक कार्यों व ग्रामीण समुदायों के प्रति निस्वार्थ समर्पण उनके महान व्यक्तित्व को दर्शाता है। नाना पाटेकर की आत्मा को शांति मिले। आपकी आवाज, आपका जोशीला अंदाज और आपकी शानदार विरासत हमेशा हमारे दिलों में बसी रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और दुनिया भर में मौजूद लाखों प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना। ओम शांति।"
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पोस्ट किया, "दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से गहरा दुख हुआ है। अपने असाधारण हुनर, दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और यादगार अभिनय से उन्होंने भारतीय सिनेमा को कुछ बेहद यादगार किरदार दिए। पर्दे से हटकर, किसानों के प्रति उनकी संवेदना और समाज सेवा के प्रति उनका समर्पण उनके व्यक्तित्व की गहराई को दर्शाता है। इस मुश्किल समय में उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।"
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने लिखा, "अभिनय की दुनिया के एक दिग्गज हमारे बीच नहीं रहे। अनुभवी अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया है। नाना, अभिनय में सच्ची अभिव्यक्ति और संवेदनशील सामाजिक जागरूकता का एक बेहतरीन संगम थे। उन्होंने मंच से लेकर सिल्वर स्क्रीन तक अपने दमदार अभिनय से अनगिनत किरदारों को अमर बना दिया। 'नटसम्राट', 'क्रांतिवीर' और 'परिंदा' जैसी बेहतरीन फिल्मों के जरिए उन्होंने अपनी अदाकारी की अमिट छाप छोड़ी। नाना पाटेकर का 'दादा' (अजित पवार) के साथ बेहद करीबी और स्नेहपूर्ण रिश्ता था। इसलिए, उनके जाने से जो खालीपन आया है, वह मेरे और हमारे परिवार के लिए बेहद दुखद है।"
डीएमके की सांसद कनिमोझी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से दुखी हूं। उनके दमदार अभिनय, खास अंदाज और हिंदी व क्षेत्रीय सिनेमा में उनके अहम योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार, दोस्तों और चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। उनके बेहतरीन काम के जरिए उनकी यादें हमेशा बनी रहेंगी।"
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पोस्ट किया, "बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह अपार दुख सहने की शक्ति दें।"
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उनके शानदार अभिनय में भारतीय सिनेमा के प्रति बेमिसाल समर्पण, बहुमुखी प्रतिभा और अटूट निष्ठा झलकती थी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि नाना पाटेकर की आत्मा को शांति मिले।
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने लिखा, "प्रख्यात अभिनेता नाना पाटेकर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनके जाने से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे विलक्षण कलाकार को खो दिया, जिनकी अदाकारी में गहराई, संवादों में प्रभाव और हर किरदार में असाधारण जीवंतता दिखाई देती थी। हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने यादगार अभिनय से उन्होंने दर्शकों के दिलों में जो स्थान बनाया, वह सदैव कायम रहेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार, मित्रों और असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।"
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, "नाना पाटेकर के निधन की खबर बेहद दुखद है। सिनेमा ने एक महान अभिनेता और प्रभावशाली व्यक्तित्व खो दिया। नकी अदाकारी हमेशा याद रहेगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें।"
एनसीपी-एसपी के नेता रोहित पवार ने पोस्ट किया, "सामाजिक मुद्दों के प्रति बेहद जागरूक रहे दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर वाकई चौंकाने वाली और बहुत दुखद है। उनके जाने से भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने एक संवेदनशील, प्रभावशाली और हर तरह की भूमिका निभाने में माहिर कलाकार को खो दिया है।"
रोहित पवार ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, 'नाना पाटेकर ने 'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'प्रहार', 'खामोशी', 'अग्निसाक्षी', 'नटसम्राट' और 'वेलकम' जैसी कई फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग से अमिट छाप छोड़ी। पर्दे पर अपनी एक्टिंग के अलावा, 'नाम फाउंडेशन' के जरिए किसानों, सूखे से प्रभावित समुदायों और ग्रामीण आबादी के लिए किए गए उनके सामाजिक काम उनके दयालु स्वभाव की मिसाल हैं। मैं इस महान कलाकार को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने अपनी कला से लाखों लोगों का दिल जीता और सामाजिक कार्यों के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे।"
--आईएएनएस
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