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भारत-श्रीलंका नौसेना का संयुक्त ‘डाइवेक्स’ अभ्यास संपन्न, गहरे समुद्र में रेस्क्यू क्षमता हुई मजबूत

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत और श्रीलंका की नौसेना ने संयुक्त डाइविंग अभ्यास को अंजाम दिया है। यह यह इंडिया श्रीलंका डाइवेक्स अभ्यास का चौथा संस्करण था। भारतीय नौसेना ने बताया कि यह अभ्यास 21 से 28 अप्रैल के बीच कोलंबो में संपन्न हुआ।
 
भारत-श्रीलंका नौसेना का संयुक्त ‘डाइवेक्स’ अभ्यास संपन्न, गहरे समुद्र में रेस्क्यू क्षमता हुई मजबूत

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत और श्रीलंका की नौसेना ने संयुक्त डाइविंग अभ्यास को अंजाम दिया है। यह यह इंडिया श्रीलंका डाइवेक्स अभ्यास का चौथा संस्करण था। भारतीय नौसेना ने बताया कि यह अभ्यास 21 से 28 अप्रैल के बीच कोलंबो में संपन्‍न हुआ।

इस अभ्यास में भारतीय नौसेना का विशेष जहाज आईएनएस निरीक्षक शामिल हुआ, जो गहरे समुद्र में डाइविंग और पनडुब्बी बचाव अभियानों के लिए जाना जाता है। इसके साथ दोनों देशों की डाइविंग टीमों ने मिलकर काम किया, जिससे आपसी तालमेल और पेशेवर समझ और मजबूत हुई।

यह अभ्यास खास तौर पर पानी के अंदर होने वाले जटिल ऑपरेशन पर केंद्रित था। इसमें गहरे समुद्र में उन्नत डाइविंग अभ्यास, मिक्स्ड गैस डाइविंग जैसी तकनीकी ट्रेनिंग व बंदरगाह और खुले समुद्र दोनों जगह डाइव का अभ्यास किया गया।

सबसे खास बात यह रही कि नौसैनिक डाइवर्स ने द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के जहाजों के मलबे एसएस वूस्टर और एसएस पर्सियस के नजदीक जाकर यह अभ्यास किया। सप्ताह भर चले इस अभ्यास में भारतीय और श्रीलंकाई नौसेना के गोताखोर दलों ने मिलकर कई तरह के विशेष डाइविंग ऑपरेशन और प्रशिक्षण गतिविधियां को अंजाम दिया। इनमें गहरे समुद्र में बचाव कार्य, तकनीकी डाइविंग, आपातकालीन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया देना शामिल है।

दोनों देशों के डाइवर्स ने 55 मीटर से ज्यादा गहराई तक सफल डाइव लगाई। नौसेना के मुताबिक यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे भविष्य में सर्च, रेस्क्यू और बचाव ऑपरेशन में उनकी संयुक्त क्षमता और मजबूत होगी।

इस अभ्यास के दौरान श्रीलंकाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी एस जे कुमारा ने आईएनएस निरीक्षक का दौरा किया। उन्होंने भारतीय नौसेना के सहयोग और ट्रेनिंग की सराहना की।

उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यास से दोनों देशों को एक-दूसरे से सीखने का अच्छा मौका मिलता है। इसके अलावा पनडुब्बी से जुड़े रेस्क्यू ऑपरेशन जैसी अहम गतिविधियों को भी अंजाम दिया जाएगा। इन अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच बेहतर तालमेल विकसित करना था।

यहां दोनों देशों के जवानों ने एक-दूसरे के अनुभवों से सीखा और आधुनिक तकनीकों तथा प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान किया। यहां केवल सैन्य अभ्यास ही नहीं, बल्कि इस दौरान कई सामाजिक गतिविधियां भी हुईं। इन गतिविधियों में दोस्ताना खेल मुकाबले व योग सत्र शामिल रहे। इन गतिविधियों ने दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच आपसी दोस्ती और भरोसे को और मजबूत किया।

वहीं, आईएनएस निरीक्षक के कमांडिंग अधिकारी ने भारतीय शांति सेना मिशन के दौरान शहीद हुए सैनिकों की याद में शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।इस दौरान भारत ने अपने आरोग्य मैत्री अभियान के तहत श्रीलंका को मोबाइल मेडिकल यूनिट्स भी सौंपे, जिससे आपदा और मेडिकल आपात स्थिति में मदद मिल सकेगी।

ये यूनिट लगभग 200 लोगों को आपात चिकित्सा सहायता देने में सक्षम हैं। अभ्यास के अंत में आईएनएस निरीक्षक को श्रीलंकाई नौसेना द्वारा औपचारिक विदाई दी गई।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी