भारत सरकार को किसी के दबाव में अपना स्टैंड नहीं बदलना चाहिए : कांग्रेस नेता दानिश अली
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता दानिश अली ने कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पीएम मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ संभावित द्विपक्षीय बैठक, नेपाल में आई बाढ़ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम पर बयान दिया।
पीएम मोदी और पुतिन की मीटिंग को लेकर दानिश अली ने केंद्र की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "कोई ऐसा देश बचा है, जिससे पीएम मोदी ने द्विपक्षीय बातचीत न की हो और उस देश का सर्वोच्च सम्मान न मिला हो। लेकिन हमारी विदेश नीति क्या है? वे किसी के भी दबाव में अपना स्टैंड बदल देते हैं। अगर अमेरिका कहेगा कि तेल खरीदो तो हम तेल खरीदने लगेंगे। वो कहेगा नहीं खरीदो तो बंद कर देंगे। ऐसे विदेश नीति नहीं चलती। जवाहरलाल नेहरू के समय जो विदेश नीति थी, वह मनमोहन सिंह की सरकार तक चल रही थी। लेकिन, उन्होंने आकर इसे ध्वस्त कर दिया।"
राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के काउंटर में भाजपा द्वारा 'झूठ की गूंज' नाम से वेबसाइट बनाए जाने पर दानिश अली ने कहा कि यह 'खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे' वाली बात है। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी का छात्रों की गूंज कार्यक्रम लगातार सफल हो रहा है। राहुल गांधी ने देश के छात्रों और युवाओं को जगा दिया है; वह सड़कों पर हैं और सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। इसलिए भाजपा बौखला गई है।"
वहीं, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर न्यूयार्क मेयर जोहरान ममदानी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दानिश अली ने कहा, "यह असल में अच्छी बात है। दुनिया को पता चल रहा है कि आरएसएस किस तरह का संगठन है। जिस विचारधारा के कारण महात्मा गांधी की हत्या हुई। नाथूराम गोडसे आरएसएस से जुड़ा था। दुनिया को पता चल रहा है कि यह कैसा संगठन है। इसीलिए वहां विरोध हो रहा है, ऐसा हर लोकतांत्रिक देश में होगा।"
नेपाल में अचानक आई बाढ़ पर कांग्रेस नेता ने दुख जताया। उन्होंने कहा, "यह दिल दहला देने वाली घटना है। यह एक राष्ट्रीय आपदा है। इस समय, पूरे भारत की भावनाएं नेपाल के साथ हैं और हमारे बहुत से लोग इससे प्रभावित हुए हैं। भारत सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और बचाव कार्यों में नेपाल की हर संभव मदद कर रही है।"
--आईएएनएस
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