Aapka Rajasthan

भारत में नेत्र कैंसर के इलाज की सार्वभौमिक पहुंच एक अनुकरणीय मॉडल है: एम. श्रीनिवास

नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) एम. श्रीनिवास ने शनिवार को 'रेटिनोब्लास्टोमा' या नेत्र कैंसर के इलाज की लगभग सार्वभौमिक पहुंच हासिल करने पर सभी हितधारकों को बधाई दी और इसे वैश्विक स्तर पर अनुकरणीय मॉडल बताया।
 
भारत में नेत्र कैंसर के इलाज की सार्वभौमिक पहुंच एक अनुकरणीय मॉडल है: एम. श्रीनिवास

नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) एम. श्रीनिवास ने शनिवार को 'रेटिनोब्लास्टोमा' या नेत्र कैंसर के इलाज की लगभग सार्वभौमिक पहुंच हासिल करने पर सभी हितधारकों को बधाई दी और इसे वैश्विक स्तर पर अनुकरणीय मॉडल बताया।

यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित राष्ट्रीय रेटिनोब्लास्टोमा सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में श्रीनिवास ने कहा कि भारत दुनिया को दिखा रहा है कि सहयोगात्मक, रोगी-केंद्रित प्रणालियां सीमित संसाधनों वाले परिवेश में भी बचपन के कैंसर के इलाज की लगभग सार्वभौमिक पहुंच को संभव बना सकती हैं।

श्रीनिवास ने अपने वीडियो संदेश में फाइट रेटिनोब्लास्टोमा इंडिया को 'रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा के लिए हितधारकों के सहयोग का एक उल्लेखनीय मॉडल' बताया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के निदेशक डॉ. पंकज अरोरा ने कहा कि रेटिनोब्लास्टोमा के इलाज तक पहुंच में सुधार लाने में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अगला लक्ष्य हर बच्चे और परिवार के लिए शत प्रतिशत वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है, साथ ही मजबूत प्रणालियों, साझेदारियों और निरंतर देखभाल के माध्यम से वैश्विक स्तर पर उत्तरजीविता परिणामों को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना है।

आईसीएमआर की केंद्रीय मानव अनुसंधान नीति समिति की सदस्य, कैनकिड्स की संस्थापक और चाइल्डहुड कैंसर इंटरनेशनल की डब्ल्यूएचओ दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र की प्रतिनिधि पूनम बागई ने कहा, “रेटिनोब्लास्टोमा ने हमें दिखाया है कि जब चिकित्सक, जीवित बचे लोग, माता-पिता, शोधकर्ता, सरकार, अस्पताल और नागरिक समाज बच्चे और परिवार को केंद्र में रखकर मिलकर काम करते हैं तो क्या संभव है। भारत रेटिनोब्लास्टोमा से लड़ रहा है - और हम जीत रहे हैं।”

उन्होंने 80-90 प्रतिशत उत्तरजीविता दर और 100 प्रतिशत वित्तीय सुरक्षा के उद्देश्य से राष्ट्रीय रेटिनोब्लास्टोमा हेल्पडेस्क और विशेषज्ञ नेटवर्क के गठन के लिए विशेषज्ञों के सुझावों का समर्थन किया। हैदराबाद के डॉक्टर संतोष होनावर ने सुझाव दिया कि सरकार बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए 'राष्ट्रीय रेटिनोब्लास्टोमा कार्यक्रम' शुरू करने और तृतीयक उपचार केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर सकती है। सम्मेलन में उपस्थित चिकित्सकों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण से इंट्रा-आर्टेरियल कीमोथेरेपी, इंट्रा-विट्रियल कीमोथेरेपी और ब्रैकीथेरेपी जैसे महंगे रेटिनोब्लास्टोमा उपचारों के लिए पैकेज दरों में वृद्धि करने की अपील भी की।

कुछ वक्ताओं ने जीएसटी और सीमा शुल्क में छूट की मांग की, जिसमें उच्च लागत वाले निदान और उपचार उपकरणों पर आयात शुल्क से छूट भी शामिल है। वित्त मंत्रालय से कीमोथेरेपी दवाओं पर जीएसटी से छूट देने का भी अनुरोध किया गया।

रेटिनोब्लास्टोमा एक दुर्लभ लेकिन आसानी से ठीक होने वाला नेत्र कैंसर है जो छोटे बच्चों को प्रभावित करता है। दृष्टि बचाने के लिए शीघ्र निदान और समय पर उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत में रेटिनोब्लास्टोमा के सबसे अधिक मामले हैं, जहां प्रतिवर्ष लगभग 1,500-2,000 नए मामले सामने आते हैं। पिछले एक दशक में, कैनकिड्स द्वारा संचालित राष्ट्रीय बहु-हितधारक मंच, फाइट रेटिनोब्लास्टोमा इंडिया ने 90 से अधिक रेटिनोब्लास्टोमा उपचार केंद्रों का एक सहयोगी नेटवर्क बनाने में मदद की है।

इस पहल के तहत भारत भर में बाल चिकित्सा ऑन्कोलॉजी और नेत्र संबंधी ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञता को एकीकृत किया गया है, जिससे बच्चों और परिवारों के लिए निदान, रेफरल प्रक्रिया, उपचार तक पहुंच और देखभाल की निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

--आईएएनएस

एमएस/