भारत में बेसबॉल का नया प्रयोग, सूर्यकुमार यादव बोले- एक खेल के तौर पर यह बहुत बड़ा गेम
मुंबई, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका के पसंदीदा खेल को मैनेज करने वाली संस्था, मेजर लीग बेसबॉल (एमएलबी) ने खेल के नए और तेज प्रारूप को भारत लाने का फैसला किया, जिसके तहत 24 अक्टूबर को मुंबई में बेसबॉल के 3x3 फॉर्मेट के मुकाबले का आयोजन हुआ। सूर्यकुमार यादव समेत कुछ मशहूर भारतीय क्रिकेटर्स ने इस खेल में अपने हाथ आजमाए।
मेजर लीग बेसबॉल द्वारा बनाया गया एमएलबीएक्स एक डायनामिक, मिक्स्ड 3-ऑन-3 बेसबॉल कॉम्पिटिशन है, जिसमें पावर हिटिंग, एथलेटिक डिफेंसिव प्ले और तेज-तर्रार गेमप्ले का मेल होता है।
फिलाडेल्फिया में एमएलबी ऑल-स्टार वीक के दौरान आयोजित होने के बाद, यह कॉम्पिटिशन अब मुंबई में अपना डेब्यू कर रहा है। यह इवेंट पिछले तीन वर्षों में अमेरिका के 15 वेन्यू के साथ लंदन, सोल और मेक्सिको सिटी जैसे शहरों में भी आयोजित हो चुका है।
मुंबई फुटबॉल एरिना में आयोजित इस खेल को लेकर भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव ने कहा, "मुझे लगता है कि एक खेल के तौर पर, यह बहुत बड़ा गेम है। हाल ही में जब मैं फिलाडेल्फिया और न्यूयॉर्क गया था तो मैंने खुद इसे महसूस किया। वहां का माहौल बहुत शानदार था। हम ठीक वैसा ही माहौल यहां मुंबई, भारत में भी लाना चाहते हैं। वहां भी भीड़ ऐसी ही थी। मुझे यकीन है कि जैसे-जैसे लोग इस खेल के बारे में और जानेंगे, यह और भी बड़ा होता जाएगा।"
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि इसमें अच्छी 'रेंज हिटिंग' बहुत मायने रखती है। मैंने पहले नेट एरिया में प्रैक्टिस भी की थी, लेकिन इसमें आपको अपने शरीर के ऊपरी हिस्से से लेकर निचले हिस्से तक मजबूत होना पड़ता है। आपका 'कोर' मजबूत होना चाहिए, और इन खिलाड़ियों की तरह आपकी बाजुएं भी ताकतवर होनी चाहिए। बहुत कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, कुछ भी आसानी से नहीं मिलता।"
भारतीय महिला क्रिकेटर राधा यादव ने कहा, "भारत में लोगों को बैटिंग करना बहुत पसंद आएगा, क्योंकि बेसबॉल पूरी तरह से बैटिंग और जोरदार शॉट्स के बारे में है। लोगों को यह पसंद आएगा, क्योंकि भारत में लोग छक्के देखना बहुत पसंद करते हैं, इसमें बहुत मजा आया, खासकर गेंद को हिट करने में। जब आप फील्डिंग कर रहे होते हैं तो गेंद इतनी तेज रफ्तार से आती है कि आप उसे ठीक से देख भी नहीं पाते। वह बस आपके पास से तेजी से गुजर जाती है, इसलिए पूरा अनुभव बहुत मजेदार रहा। बैट घुमाना थोड़ा अलग लगा, लेकिन इसमें सच में बहुत मजा आया। सबसे बड़ा फर्क यह है कि यहां आपका पूरा ध्यान 'होम रन' मारने पर होता है—यानी, सीधे शब्दों में कहें तो छक्के मारने पर।"
अपने आने वाले मुकाबलों की प्रैक्टिस के बारे में भारतीय क्रिकेटर राधा यादव ने कहा, "प्रैक्टिस बहुत अच्छी चल रही है, और अब हमारे घरेलू मैच भी आने वाले हैं, तो देखते हैं आगे क्या होता है।"
वहीं, भारतीय क्रिकेटर शार्दुल ठाकुर ने कहा, "अगर आप आज स्टैंड्स में देखें, तो बहुत सारे लोग इसे देखने आए हैं। जब हम स्टेज पर होम रन मारने की कोशिश कर रहे थे, तो गेंद पकड़ने के लिए आए छोटे लड़के भी बहुत उत्साहित थे। यह थोड़ा मुश्किल है क्योंकि लगातार हिट करते रहना आसान नहीं होता। जैसा कि मैंने कहा, इसकी तकनीक थोड़ी अलग है। हमें इसके बारे में सीखना पड़ा, लेकिन बेसबॉल खिलाड़ियों ने हमें बहुत अच्छे से सिखाया, हमारे साथ चर्चा की और हमें अपने खेल के बारे में बताया।"
भारतीय क्रिकेटर दीपक चाहर ने कहा, "मैंने भी यह खेल पहली बार खेला, और मुझे यह बहुत पसंद आया क्योंकि इसमें गेंद काफी दूर तक जाती है। मुझे लगता है कि भारतीयों के लिए यह आसान है क्योंकि इसमें ज्यादा खर्च नहीं आता—बस एक गेंद और एक बैट चाहिए। मुझे लगता है कि यह बिल्कुल 'गली क्रिकेट' जैसा है, लेकिन जब हम गली में खेलते हैं तो हम सिर्फ सामने की तरफ ही रन बना पाते हैं, क्योंकि अगल-बगल में होम (बेस) होते हैं और कोई 'रन' नहीं होते। तो, यह बिल्कुल गली क्रिकेट जैसा है, मुझे यह बहुत पसंद आया।"
भारतीय क्रिकेटर जितेश शर्मा कहते हैं, "सबसे पहले, मैं इन लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं। इन्होंने मुझे अपने साथ बहुत सहज महसूस कराया, और यह कुछ नया सीखने का एक अच्छा मौका था। मुझे नए खेल सीखने और जीवन में कुछ नया करने का बहुत शौक है। इन्होंने मुझे बैट स्विंग करना और बाकी चीजें सिखाईं। मैं जानता हूं कि भारत क्रिकेट के लिए मशहूर है, लेकिन अगर कुछ लोग बेसबॉल को आजमाना चाहते हैं, तो क्यों नहीं? वे इस खेल के दिग्गज बन सकते हैं, भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं या फिर 'मेजर लीग बेसबॉल' में भी खेल सकते हैं।"
--आईएएनएस
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