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भारत के विकास के लिए सौर और पवन ऊर्जा जरूरी : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में सौर और पवन ऊर्जा के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत के विकास के लिए सौर और पवन ऊर्जा जरूरी है।
 
भारत के विकास के लिए सौर और पवन ऊर्जा जरूरी : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में सौर और पवन ऊर्जा के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत के विकास के लिए सौर और पवन ऊर्जा जरूरी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडिया कार्यक्रम 'मन की बात' के 133वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "'मन की बात' के एक और एपिसोड में आप सबसे जुड़कर खुशी हो रही है। इधर, चुनाव की भागदौड़ रही है, लेकिन आपके पत्रों और संदेशों के माध्यम से हमने देश और देशवासियों की उपलब्धियों पर एक-दूसरे से अपनी खुशियां साझा भी की हैं। इस बार 'मन की बात' की शुरुआत देश की एक ऐसी ही बहुत बड़ी उपलब्धि से करते हैं।"

उन्होंने कहा, "मेरे प्यारे देशवासियो, 'मन की बात' में आज मैं एक ऐसी शक्ति की बात करना चाहता हूं, जो अदृश्य है, लेकिन जिसके बिना हमारा जीवन एक पल भी ना चले। यही ताकत भारत को आगे बढ़ा रही है। यह हमारी पवन-शक्ति है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में कहा गया है- 'वायुर्वा इति व्यष्टिः, वायुरवै समष्टिः।' अर्थात् वायु सिर्फ एक तत्व नहीं है, यह जीवन की ऊर्जा है, यह समष्टि की शक्ति है।"

'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, "आज पवन-शक्ति भारत के विकास की नई कहानी लिख रही है। भारत ने हाल ही में पवन-ऊर्जा, यानि विंड एनर्जी में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब भारत की पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता 56 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। पिछले एक साल में ही करीब 6 गीगावाट नई क्षमता जुड़ी है। पवन ऊर्जा में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया भी हमारी तरफ देख रही है।"

इस दौरान, पीएम मोदी ने गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा, "देश के अनेक राज्य इस सेक्टर में अपना परचम लहरा रहे हैं। गुजरात के कच्छ, पाटन, बनासकांठा जैसे क्षेत्र जहां पहले सिर्फ रेगिस्तान नजर आता था, आज वहां बड़े नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बन रहे हैं। इसका लाभ युवाओं को मिल रहा है। नए अवसर बन रहे हैं, नई स्किल विकसित हो रही हैं और रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।"

--आईएएनएस

डीसीएच/