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भारत के आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं, न्यूयॉर्क के मेयर पर भड़के भाजपा नेता गौरव वल्लभ

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा भारत के आंतरिक मामलों से जुड़े विषयों पर टिप्पणी और पत्र लिखे जाने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि वह न्यूयॉर्क के मेयर से अनुरोध करना चाहते हैं कि वे अपने शहर और वहां के मुद्दों तक ही सीमित रहें, जहां से वे निर्वाचित होकर आए हैं। भारत के आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी व्यक्ति के हस्तक्षेप को देश कभी स्वीकार नहीं करेगा।
 
भारत के आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं, न्यूयॉर्क के मेयर पर भड़के भाजपा नेता गौरव वल्लभ

नई दिल्‍ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा भारत के आंतरिक मामलों से जुड़े विषयों पर टिप्पणी और पत्र लिखे जाने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि वह न्यूयॉर्क के मेयर से अनुरोध करना चाहते हैं कि वे अपने शहर और वहां के मुद्दों तक ही सीमित रहें, जहां से वे निर्वाचित होकर आए हैं। भारत के आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी व्यक्ति के हस्तक्षेप को देश कभी स्वीकार नहीं करेगा।

दिल्ली दंगों के मामले में जेल में बंद उमर खालिद को न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने चिट्ठी लिखी है। यह चिट्ठी तब सामने आई, जब जोहरान ममदानी ने एक जनवरी को न्यूयॉर्क के मेयर के तौर पर शपथ ली। इस चिट्ठी के सामने आने के बाद उनके पिता का कहना है कि हमने उनसे मुलाकात भी की थी और उन्होंने हमें मदद का भरोसा दिया था।

गौरव वल्लभ ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि अमेरिका में बैठकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे भारत किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगा। अमेरिकी धरती से बैठकर चिट्ठियों के माध्यम से भारत की न्यायिक प्रणाली को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। न्यूयॉर्क के मेयर और कुछ अमेरिकी सांसदों द्वारा इस तरह का प्रयास भारत की संप्रभुता में दखल है, जिसे देश बर्दाश्त नहीं करेगा।

भाजपा नेता ने तीखे शब्दों में कहा कि जो लोग अमेरिका से चुने गए हैं, उन्हें वहीं के मुद्दों पर बात करनी चाहिए। यदि किसी को भारत से इतना ही लगाव है, तो वह भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करें, यहां चुनाव लड़ें और जनता का विश्वास जीतने के बाद भारत के विषयों पर बोलें। बिना किसी संवैधानिक या लोकतांत्रिक अधिकार के भारत के मामलों में दखल देना अनुचित है।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि जब भी राहुल गांधी विदेश यात्रा से लौटते हैं, उसी दौरान इस तरह की चिट्ठियां और बयान सामने आने लगते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी विदेश में किन लोगों से मुलाकात करते हैं और किनसे संवाद करते हैं, यह जांच का विषय होना चाहिए।

कर्नाटक सरकार के ईवीएम सर्वे पर गौरव वल्लभ ने कहा, "कर्नाटक सरकार ने मान लिया है कि राहुल गांधी 'गुमराह' हैं। यह मैं नहीं कह रहा, सर्वे कह रहा है। एक सर्वे में जिसमें 91 प्रतिशत लोगों ने हिस्सा लिया, लोगों ने कहा कि ईवीएम और एसआईआर से जुड़े मुद्दे पूरी तरह से बेबुनियाद हैं और संविधान को कमजोर करने की साजिश है। कर्नाटक के 91 प्रतिशत लोग राहुल गांधी को गुमराह और झूठा मानते हैं। अब राहुल गांधी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उस सर्वे में उठाए गए सभी मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। जब ​​उनकी अपनी कर्नाटक की कांग्रेस सरकार भी मानती है कि वह गुमराह हैं, तो वह जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं?"

भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जल्द ही कुछ लोग यह कहना शुरू कर सकते हैं कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज चुने हुए नहीं होते, इसलिए उनके फैसलों को मानने की जरूरत नहीं है। गौरव वल्लभ ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक सोच बताते हुए कहा कि इस तरह की बातें देश की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने के प्रयास हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री होने के नाते ममता बनर्जी न केवल जनता, बल्कि अपने विधायकों के प्रति भी जवाबदेह हैं। इसके बावजूद वह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने का काम कर रही हैं। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि ममता बनर्जी को यह अंदेशा है कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का जनसमर्थन घटकर 25 सीटों से भी कम रह सकता है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम