भारत-ईयू एफटीए दोनों पक्षों के लिए बड़ी जीत, रूस पर दुनिया को एकजुट होना चाहिए: लिथुआनिया की राजदूत
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में लिथुआनिया की राजदूत डायना मिकेविचिएने ने रूस-यूक्रेन युद्ध, भारत-यूरोपीय संघ (इयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और महात्मा गांधी के विचारों पर लिथुआनिया के दृष्टिकोण को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि लिथुआनिया यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है और भारत-ईयू एफटीए दोनों पक्षों के लिए एक "बड़ी जीत" साबित होगा।
राजदूत ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर आईएएनएस से कहा कि लिथुआनिया इसे रूस की ओर से यूक्रेन के खिलाफ आक्रामकता और साम्राज्यवाद का युद्ध मानता है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का एकमात्र समाधान यही है कि रूस अपनी आक्रामकता समाप्त कर यूक्रेन से पीछे हटे। उन्होंने आरोप लगाया कि युद्ध के दौरान कई गंभीर अपराध भी हुए हैं और लिथुआनिया हर संभव तरीके से यूक्रेन की मदद कर रहा है ताकि वह अपनी रक्षा कर सके।
उन्होंने कहा कि लिथुआनिया की जनता इस मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट है, क्योंकि उनका मानना है कि यदि यूक्रेन अपनी रक्षा नहीं कर पाया तो भविष्य में यूरोप के अन्य देश भी ऐसी आक्रामकता का शिकार हो सकते हैं। उनके अनुसार यह केवल यूक्रेन पर हमला नहीं, बल्कि पूरे यूरोप पर हमला है और दुनिया को आक्रामकता के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।
भारत-ईयू एफटीए पर राजदूत ने कहा कि मौजूदा समय में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार पहले से ही काफी मजबूत है, लेकिन प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता दोनों पक्षों के आर्थिक संबंधों में बड़ा बदलाव लाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष के अंत तक एफटीए पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस समझौते को "मदर ऑफ ऑल डील्स" कहा गया है, क्योंकि इसमें दोनों पक्षों ने वस्तुओं और सेवाओं की पहुंच को उदार बनाने के साथ-साथ अपने संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाया है। उन्होंने इसे भारत और यूरोपीय संघ दोनों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
राजदूत ने यह भी बताया कि जनवरी से जून 2027 तक लिथुआनिया यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि उसी अवधि में भारत-ईयू एफटीए लागू और प्रभावी हो जाएगा तथा लिथुआनिया इसे साकार करने के लिए पूरी कोशिश करेगा।
भारत और लिथुआनिया के द्विपक्षीय संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने सहयोग की मजबूत नींव तैयार कर ली है। दोनों देशों के दूतावास पूरी तरह सक्रिय हैं और बहुपक्षीय मंचों पर अच्छा सहयोग है। साथ ही वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार में भी लगातार प्रगति हो रही है।
महात्मा गांधी पर आयोजित कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए राजदूत ने कहा कि लिथुआनिया ने राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय के साथ मिलकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका उद्देश्य गांधी और बाल्टिक देशों के ऐतिहासिक संबंधों का सम्मान करना था। इस अवसर पर लिथुआनिया की ओर से एक लिथुआनियाई कलाकार द्वारा बनाई गई महात्मा गांधी की पेंटिंग संग्रहालय को भेंट की गई।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का शांति और अहिंसा का संदेश लिथुआनिया के लिए केवल एक सैद्धांतिक विचार नहीं है। लिथुआनिया गांधी के व्यक्तित्व और उनके मूल्यों का गहरा सम्मान करता है। उन्होंने गांधी और लिथुआनिया के बीच ऐतिहासिक संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी के करीबी मित्र हर्मन कैलनबाख लिथुआनिया के लिटवाक यहूदी थे, जिन्होंने गांधी के सत्याग्रह और आत्मनिर्भरता के विचारों के विकास के दौर में उनके साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
--आईएएनएस
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