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भारत दौरे पर नेपाल के कोशी प्रांत से 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, स्थानीय शासन को चलाने का सीख रहे गुर

नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल के कोशी प्रांत से 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल स्टडी टूर पर भारत आए हैं। ये सभी हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) में स्थानीय शासन को सुचारू रूप चलाने का गुर सीख रहे हैं।
 

नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल के कोशी प्रांत से 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल स्टडी टूर पर भारत आए हैं। ये सभी हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) में स्थानीय शासन को सुचारू रूप चलाने का गुर सीख रहे हैं।

एनआईआरडीपीआर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय की पहल पर कोशी प्रांत, नेपाल के मेयर, चेयरपर्सन और म्युनिसिपल प्रतिनिधियों के लिए अर्बन गवर्नेंस पर 10-दिन का इंटरनेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम (3–12 अगस्त 2026) शुरू किया है।

यह प्रोग्राम अर्बन गवर्नेंस (शहरी/नगरीय शासन), वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा प्रबंधन), इको-टूरिज्म, इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित होगा। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को उन इलाकों का दौरा भी कराया जाएगा जहां इन तरीकों (प्रोग्राम में शामिल) को अपनाया जा रहा है, इससे वो सर्वोत्तम कार्यों का प्रत्यक्ष अनुभव कर पाएंगे।

इससे पहले नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ तस्वीरों को पोस्ट करते हुए इस दौरे से संबंधित आवश्यक जानकारी साझा की थी। बताया कि भारत-नेपाल के बीच स्थानीय शासन स्तर पर सहयोग को और मजबूत करने के लिए नेपाल के कोशी प्रांत के इलाम, पंचथर, ताप्लेजुंग और तेरहथुम जिलों से 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भारत के अध्ययन दौरे पर रवाना हुए। इस दौरे का आयोजन भारत सरकार की क्षमता-निर्माण पहल के तहत किया गया है।

प्रतिनिधिमंडल में मेयर, नगरपालिका अध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। ये लोग हैदराबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट एंड पंचायती राज (एनआईआरडीपीआर) में कस्टमाइज्ड ट्रेनिंग कोर्स (इस टीम के लिए विशेष रूप से तैयार प्रशिक्षण कोर्स) करेंगे। ट्रेनिंग का फोकस तीन बिंदुओं- कृषि और ग्रामीण आजीविका, सतत विकास मॉडल और स्थानीय शासन पर होगा।

भारत सरकार का मानना है कि यह पहल दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जिसका उद्देश्य ज्ञान का आदान-प्रदान, संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करना और लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करना है। हाल के समय में नेपाल से स्थानीय सरकार के प्रतिनिधियों का भारत आने वाला चौथा प्रतिनिधिमंडल है।

इससे पहले कोशी प्रांत के संखुवासभा, कर्णाली प्रांत के हुम्ला और सुदूरपश्चिम प्रांत के दादेलधुरा, बैतडी और दार्चुला जिलों के प्रतिनिधि भारत का दौरा कर चुके हैं। इससे स्थानीय स्तर पर भारत-नेपाल सहयोग की बढ़ती गति साफ दिखती है। ऐसे एक्सचेंज प्रोग्राम से नेपाल के सीमावर्ती जिलों को पंचायती राज, ग्रामीण विकास और कृषि योजनाओं के भारतीय मॉडल को समझने में मदद मिलेगी, जिसे वे अपने क्षेत्र में लागू कर सकते हैं।

--आईएएनएस

केआर/