भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीकी नौसेनाओं का संयुक्त अभ्यास संपन्न
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीकी नौसेनाओं का संयुक्त अभ्यास ‘आईबीएसएएमएआर-9’ संपन्न हो गया है। दक्षिण अफ्रीका के साइमन टाउन में अभ्यास का समापन हुआ। दस दिनों तक चले इस अभ्यास में तीनों देशों की नौसेनाओं ने बंदरगाह और समुद्र में विभिन्न गतिविधियों के जरिए एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझा। इसका उद्देश्य समुद्री अभियानों में आपसी तालमेल बढ़ाना, परिचालन सहयोग मजबूत करना और तीनों नौसेनाओं के बीच बेहतर समझ विकसित करना था।
अभ्यास के दौरान तीनों देशों के नौसैनिकों ने पेशेवर विचार-विमर्श, परिचालन संबंधी गतिविधियों और संयुक्त प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। इससे उन्हें एक-दूसरे की क्षमताओं, प्रक्रियाओं और समुद्र में काम करने के तरीकों को करीब से जानने का अवसर मिला। इन गतिविधियों ने नौसैनिकों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने और मिलकर काम करने की क्षमता मजबूत करने में मदद की।
भारतीय आईएनएस तरकश के कमान अधिकारी ने यहां कहा कि आईबीएसएएमएआर जैसे अभ्यास लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक संबंधों को ठोस नौसैनिक सहयोग में बदलने का अनूठा मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे अभ्यासों की असली ताकत केवल समुद्र में संयुक्त गतिविधियां करने तक सीमित नहीं है। साझा अनुभवों, पेशेवर बातचीत और एक-दूसरे से सीखने के दौरान नौसैनिकों के बीच बनने वाले संबंध भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
बता दें कि भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका तीन अलग-अलग महाद्वीपों में स्थित हैं, लेकिन समुद्री क्षेत्र उन्हें आपस में जोड़ता है। तीनों देश समुद्र को सुरक्षित, संरक्षित और स्थिर बनाए रखने में साझा हित रखते हैं।आईबीएसएएमएआर अभ्यास ने उन्हें समुद्री सुरक्षा से जुड़ी साझा चुनौतियों पर चर्चा करने, एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का मौका दिया। यह अभ्यास संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता बढ़ाने का अवसर भी देता है।
इस अभ्यास ने यह भी स्पष्ट किया कि समुद्र में बेहतर तालमेल केवल संयुक्त गतिविधियों में भाग लेने से नहीं, बल्कि लगातार संवाद, साझा प्रशिक्षण और एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने से विकसित होता है। अभ्यास में शामिल जहाजों के चालक दल के बीच बने पेशेवर संबंध भविष्य में भी सहयोग को मजबूत करने में मदद करेंगे।
आईबीएसएएमएआर-9 का सफल समापन भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की समुद्री साझेदारी को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। तीनों देशों की नौसेनाओं के बीच बढ़ता तालमेल समुद्र को सुरक्षित, संरक्षित और सभी के लिए खुला बनाए रखने के प्रयासों को बल देता है। साथ ही, यह अंतरराष्ट्रीय नियमों पर आधारित समुद्री व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
--आईएएनएस
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