भारत और यूके व्यापार समझौता: हैदराबाद और अहमदाबाद से यूके के लिए पहली निर्यात खेप रवाना
नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) लागू होने के मौके पर बुधवार को हैदराबाद और अहमदाबाद से यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लिए पहली निर्यात खेप को रवाना किया गया।
हैदराबाद से यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लिए तेलंगाना की पहली निर्यात खेपों को रवाना किया गया। वहीं, गुजरात के अहमदाबाद के पास साणंद में एक फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम आयोजित किया गया और पहली निर्यात खेप को रवाना किया गया। इस कार्यक्रम में विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के संयुक्त महानिदेशक राहुल सिंह और ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त स्टीव हिकलिंग मौजूद रहे।
वहीं, हैदराबाद सनतनगर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) में इन खेपों को रवाना करते हुए तेलंगाना सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के विशेष सचिव कृष्ण आदित्य (आईएएस) ने कहा कि यह समझौता भारत और यूके के आर्थिक रिश्तों में एक बड़ा और अहम कदम है।
उन्होंने बताया कि इससे भारतीय निर्यातकों को यूके के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। कई उत्पादों पर शुल्क (टैरिफ) कम होने से तेलंगाना के निर्यातकों को वैश्विक बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा और निर्यात पर आधारित उद्योगों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
विदेश व्यापार महानिदेशालय, हैदराबाद के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. संपत कुमार (आईटीएस) ने कहा कि भारत-यूके सीईटीए के तहत कई तरह के उत्पादों को रियायती शुल्क का लाभ मिलेगा। इससे भारतीय कंपनियों के लिए यूके के बाजार में निर्यात के नए और बेहतर अवसर बनेंगे।
राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड की सचिव भवानी (आईएएस) ने कहा कि इस समझौते का फायदा सिर्फ बड़े उद्योगों को ही नहीं, बल्कि छोटे और मझोले उद्योगों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में तेलंगाना पहले से मजबूत है, इसलिए राज्य इन नए अवसरों का अच्छा लाभ उठा सकता है।
एपीईडीए (तेलंगाना और आंध्र प्रदेश) के क्षेत्रीय प्रमुख आरपी नायडू ने कहा कि इस समझौते से एपीईडीए के तहत आने वाले कृषि उत्पादों, प्रोसेस्ड फूड, डेयरी उत्पादों, मिठाइयों और मिलेट्स (श्री अन्न) के निर्यात को काफी फायदा मिलेगा।
यूके हाई कमीशन में ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट प्रमुख सिद्धार्थ विश्वनाथन ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार करना और आसान होगा क्योंकि बाजार तक पहुंच बेहतर होगी, कस्टम्स की प्रक्रिया सरल बनेगी और जरूरी दस्तावेजों का काम भी आसान होगा। इससे भारत और यूके के बीच व्यापार और निवेश दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
भारत-यूके सीईटीए से तेलंगाना के निर्यात पर आधारित उद्योगों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत रियायती शुल्क, बेहतर बाजार पहुंच, आसान कस्टम्स प्रक्रिया और नियमों में बेहतर तालमेल जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
यूके, तेलंगाना के प्रमुख निर्यात बाजारों में से एक है। वर्ष 2025-26 में तेलंगाना से यूके को लगभग 402.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ। इसमें मुख्य रूप से फार्मास्यूटिकल्स और जैविक उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बिजली के उपकरण, केमिकल्स, इंजीनियरिंग सामान और मेडिकल डिवाइस शामिल हैं।
कई उत्पादों पर शुल्क खत्म होने या काफी कम होने से तेलंगाना के उत्पाद यूके के बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। खास तौर पर फार्मास्यूटिकल्स, लाइफ साइंसेज, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, केमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग और कृषि क्षेत्र को इसका बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे छोटे और मझोले उद्योगों को वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ने का मौका मिलेगा, निर्यात-आधारित उत्पादन में निवेश बढ़ेगा और नए रोजगार भी पैदा होंगे।
समझौते के लागू होने के जश्न के तहत निजामाबाद और हैदराबाद में भी अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए।
निजामाबाद में जिला कलेक्टर इला त्रिपाठी (आईएएस) ने एपीईडीए और स्पाइसेज बोर्ड के अधिकारियों की मौजूदगी में श्री गजानन इंडस्ट्रीज की चावल की निर्यात खेप को रवाना किया।
वहीं हैदराबाद में विदेश व्यापार महानिदेशालयके संयुक्त महानिदेशक संभाजी चव्हाण ने एपीईडीए अधिकारियों के साथ मिलकर फ्युमर एग्री फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्यात किए जा रहे खाद्य उत्पादों की खेप को रवाना किया।
--आईएएनएस
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