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मतदाता सूची की त्रुटियों के विरोध में भाकियू टिकैत ने सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की मांग

गौतम बुद्ध नगर, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। मतदाता सूची में अनियमितताओं और पात्र नागरिकों के नाम काटे जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने आवाज उठाई है। शनिवार को संगठन के जिला अध्यक्ष मनोज मावी के नेतृत्व में किसानों और यूनियन के पदाधिकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में सुधार कराने तथा गलत तरीके से हटाए गए पात्र नागरिकों के नाम दोबारा शामिल करने की मांग की।
 

गौतम बुद्ध नगर, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। मतदाता सूची में अनियमितताओं और पात्र नागरिकों के नाम काटे जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने आवाज उठाई है। शनिवार को संगठन के जिला अध्यक्ष मनोज मावी के नेतृत्व में किसानों और यूनियन के पदाधिकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में सुधार कराने तथा गलत तरीके से हटाए गए पात्र नागरिकों के नाम दोबारा शामिल करने की मांग की।

किसानों ने यह ज्ञापन एसडीएम सदर गौतम बुद्ध नगर आशुतोष गुप्ता को सौंपा। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कई प्रकार की त्रुटियां सामने आई हैं। उनका कहना है कि अनेक ऐसे नागरिकों के नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं, जो मतदान करने के लिए पूरी तरह पात्र हैं। संगठन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता के कारण पात्र नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

जिला अध्यक्ष मनोज मावी ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार प्रत्येक पात्र नागरिक का महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम बिना उचित कारण के मतदाता सूची से हटा दिया जाता है, तो इससे उसके लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मनोज मावी ने मतदाता सूची में सामने आई त्रुटियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इनका जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो और उसे अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिले। संगठन ने इस विषय को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन सौंपने के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से किसानों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया गया। इसके बाद प्रशासन के प्रयासों से किसान सहमत हुए और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने और गलत तरीके से हटाए गए नामों को बहाल करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

किसान यूनियन ने मांग की कि जारी मतदाता सूची की दोबारा समीक्षा की जाए। जिन पात्र नागरिकों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उनकी जांच कर नियमानुसार नाम पुनः शामिल किए जाएं। साथ ही, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतें सामने न आएं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और इसकी रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। संगठन ने स्पष्ट किया कि पात्र नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के बाद आवश्यक सुधार करने चाहिए।

इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। सभी ने मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा करने की मांग उठाई। किसान यूनियन ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा और किसानों एवं आम नागरिकों की आवाज उठाने के लिए संगठन अपना संघर्ष जारी रखेगा।

--आईएएनएस

पीकेटी/एएस