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भाजपा के प्रकोप से बचने के लिए आप सांसदों ने पार्टी से बगावत की : एसटी हसन

मुरादाबाद, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लगा जब उसके पंजाब कोटे से सात राज्यसभा सदस्य पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। इनमें राघव चड्ढा समेत छह अन्य सांसद शामिल हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) नेता एसटी हसन ने इस घटना पर कहा कि भाजपा के प्रकोप से बचने के लिए आप सांसदों ने पार्टी से बगावत कर दी।
 
भाजपा के प्रकोप से बचने के लिए आप सांसदों ने पार्टी से बगावत की : एसटी हसन

मुरादाबाद, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लगा जब उसके पंजाब कोटे से सात राज्यसभा सदस्य पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। इनमें राघव चड्ढा समेत छह अन्य सांसद शामिल हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) नेता एसटी हसन ने इस घटना पर कहा कि भाजपा के प्रकोप से बचने के लिए आप सांसदों ने पार्टी से बगावत कर दी।

मुरादाबाद में आईएएनएस से बातचीत में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और अन्य सांसदों के आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने कहा कि जिस पार्टी ने उन्हें सांसद के पद तक पहुंचाया, उसके प्रति वफादार रहना चाहिए था।

वर्तमान राजनीति का जिक्र करते हुए सपा नेता ने कहा कि राजनीति का स्तर इतना गिर गया है कि लोग सिर्फ अपने निजी फायदे के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं।

भाजपा पर आरोप लगाते हुए सपा नेता ने कहा कि भाजपा का इतिहास ही दूसरी पार्टियों को तोड़कर उन्हें अपने पाले में मिलाने का रहा है। भाजपा के पास एक 'वॉशिंग मशीन' है, जिससे दूसरे दलों के नेताओं को गुजरना होता है। अब आम आदमी पार्टी से आए राज्यसभा सांसदों को भी गुजरना होगा, ताकि वे 'साफ' होकर बाहर निकलें।

ईडी का जिक्र करते हुए सपा नेता ने कहा कि दूसरे दलों से निकलकर भाजपा में शामिल होने वाले लोग ईडी से बचना चाहते हैं, तो कुछ आयकर अधिकारियों से बचना चाहते हैं। इन लोगों ने भाजपा के गुस्से से खुद को बचाने की कोशिश में बगावत की है। लेकिन, अगर पार्टी छोड़नी थी तो वे राज्यसभा से इस्तीफा देते फिर भाजपा या फिर कहीं भी चले जाते।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए सपा नेता ने कहा कि पार्टी के मंच से पार्टी नेताओं ने मुझे हमेशा सम्मान दिया। अखिलेश यादव हों या दिवंगत 'नेताजी', उन्होंने हमेशा मुझे बहुत सम्मान दिया है। यह पार्टी के मंच के माध्यम से ही था कि मैं मेयर बना और उसके बाद संसद सदस्य।

सपा नेता ने कहा कि मैं कोई एहसान फरामोश इंसान नहीं हूं। वे परिस्थितियां और वे दबाव जिनके तहत अखिलेश यादव ने मुझे टिकट देने से मना किया। यह पूरी तरह से एक अलग मामला है, वास्तव में पूरा देश इस स्थिति से भली-भांति परिचित है।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम