राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा ने 23,890 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की समीक्षा की
जयपुर, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में ‘राज उन्नति’ की चौथी समीक्षा बैठक की। इस बैठक में करीब 23,890 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने काम में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और साफ कहा कि सभी परियोजनाएं समय पर पूरी होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और देरी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी। पहले भी ऐसी बैठकों में उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध काम पूरा करने और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं में देरी हो रही है, उनमें जिम्मेदारी तय की जाए। इसी क्रम में उन्होंने शिकायतों के निपटारे में लापरवाही बरतने पर दो कर्मचारियों को निलंबित करने और एक अधिकारी को नोटिस देने के निर्देश दिए।
निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि ‘राज उन्नति’ बैठकों से कम से कम 15 दिन पहले अपनी आंतरिक समीक्षा जरूर करें, ताकि काम की सही स्थिति सामने आ सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि कस्टम हायरिंग सेंटर से जुड़े 87 प्रस्ताव अभी प्रक्रिया में हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि तय समय पर सूची क्यों जारी नहीं की गई। उन्होंने ग्रामीण विकास और सहकारिता विभागों को जल्द से जल्द काम पूरा करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने राज्य में हवाई सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने भरतपुर-डीग, सीकर-झुंझुनू, आबू रोड और बांसवाड़ा में नए हवाई अड्डों के लिए प्रारंभिक अध्ययन करने के निर्देश दिए। साथ ही बीकानेर नाल हवाई अड्डा परियोजना को तय समय में पूरा करने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बढ़ाने को कहा।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस परियोजना के लिए जमीन से जुड़े जरूरी काम पूरे हो चुके हैं।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि विकास कार्यों में तेजी लाना और समय पर उन्हें पूरा करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जयपुर में टोंक रोड (बी-2 बाईपास) के पास करीब 90 एकड़ जमीन पर बन रहे ‘राजस्थान मंडपम’ प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इस काम को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। यह बड़ा प्रोजेक्ट जयपुर एयरपोर्ट के पास बनाया जा रहा है, और इसमें कन्वेंशन सेंटर, प्रदर्शनी हॉल, दफ्तर, होटल और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, जलदाय विभाग और जिला प्रशासन को मिलकर एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि टोंक रोड और जवाहरलाल नेहरू मार्ग जैसी मुख्य सड़कों से इस प्रोजेक्ट की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में सुविधा हो। साथ ही सभी जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि यह परियोजना अगले दो साल में पूरी हो सके।
उन्होंने ऊर्जा विभाग को भी निर्देश दिया कि बैटरी ऊर्जा भंडारण से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम में तेजी लाई जाए।
जयपुर उत्तरी रिंग रोड प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह काम तय समय पर पूरा होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को जून 2026 तक जमीन अधिग्रहण पूरा करने, अक्टूबर 2026 तक निर्माण शुरू करने और जनवरी 2028 तक परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने अब तक की प्रगति की जानकारी दी।
बैठक में ‘राइजिंग राजस्थान’ पहल के तहत हुए समझौतों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभाग और आवास बोर्ड को जोधपुर में नई तकनीक आधारित कौशल विकास परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने को कहा।
इसके अलावा जयपुर में एक बड़े लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट के तहत इनलैंड कंटेनर डिपो और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क बनाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने घुमंतू और विमुक्त समुदायों के लिए आवास योजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही और अधिकारियों को जिला स्तर पर योजनाएं बनाकर पात्र परिवारों को जल्द घर देने के निर्देश दिए।
उन्होंने अमृत 2.0 योजना के तहत चल रहे कामों में हो रही देरी पर चिंता जताई और कहा कि किसी एक हिस्से में देरी से पूरे शहर के विकास पर असर पड़ता है। मुख्य सचिव को इस योजना की व्यक्तिगत निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सभी विकास कार्य समय पर पूरे हों और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
--आईएएनएस
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