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भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी मामले में एफआईआर की मांग, पुलिस को दी गई शिकायत

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएनएस)। भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी के मामले में अब एफआईआर दर्ज कराने की मांग उठी है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
 

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएनएस)। भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी के मामले में अब एफआईआर दर्ज कराने की मांग उठी है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अलग-अलग चैनलों के माध्यम से श्रीकृष्ण को लेकर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई। संबंधित चैनल पर भी श्रीकृष्ण के बारे में टिप्पणी की गई। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के अनुयायियों को चिह्नित करने के बाद उनके खड़े होने के अंदाज, चरित्र, व्यंग्य, बांसुरी और यहां तक कि वृंदावन धाम को लेकर भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को शिकायत दी गई है और डीडी एंट्री भी मिल गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। संबंधित वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध करा दिया गया है। शिकायतकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 के तहत गैर-जमानती अपराध में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर माफी मांगी और इसे मजाकिया अंदाज में की गई टिप्पणी बताया लेकिन किसी धर्म और आराध्य देवता को लेकर तीन मिनट तक इस तरह का मजाक करना उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा।

बता दें कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में श्री राम कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री द्वारा भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना को लेकर दिए गए बयान पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

करैरा में श्री राम कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए भगवान कृष्ण के स्वरूप को लेकर एक टिप्पणी की थी। उन्होंने कृष्ण के खड़े होने के अंदाज को 'टेढ़ा' बताया था। इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की भावनाएं आहत होने की बात कही गई और सियासी प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।

विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने एक वीडियो जारी किया और हाथ जोड़कर माफी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया, वह केवल विनोद और भाव यानी भक्ति रस में ऐसी बातें कह रहे थे और उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम