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एनडीए नेता बोले-भगवान परशुराम से राहुल गांधी की तुलना अनुचित, कांग्रेस ने आहत कीं धार्मिक भावनाएं

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन के अवसर पर कार्यकर्ताओं ने उन्हें भगवान परशुराम के रूप में प्रस्तुत करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की। इस आयोजन के दौरान उनकी तस्वीर का दूध से अभिषेक किया गया, गंगा नदी में पूजा की गई, लड्डू और केक काटा गया और उन्हें संविधान की प्रति हाथ में लिए हुए दर्शाया गया। कार्यक्रम ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया।
 
एनडीए नेता बोले-भगवान परशुराम से राहुल गांधी की तुलना अनुचित, कांग्रेस ने आहत कीं धार्मिक भावनाएं

नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन के अवसर पर कार्यकर्ताओं ने उन्हें भगवान परशुराम के रूप में प्रस्तुत करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की। इस आयोजन के दौरान उनकी तस्वीर का दूध से अभिषेक किया गया, गंगा नदी में पूजा की गई, लड्डू और केक काटा गया और उन्हें संविधान की प्रति हाथ में लिए हुए दर्शाया गया। कार्यक्रम ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया।

वाराणसी यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विकास सिंह ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने मां गंगा की गोद में राहुल गांधी के दीर्घायु और उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना करते हुए दूध अर्पित किया। इसके साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ब्राह्मणों ने पूजा-अर्चना की और राहुल गांधी को आशीर्वाद दिया। साथ ही उन्होंने यह भी आशा जताई कि भविष्य में राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनें। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन को राहुल गांधी के नेतृत्व और संविधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के सम्मान के रूप में बताया।

हालांकि इस आयोजन को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की तुलना भगवान परशुराम से करना उचित नहीं है। भगवान परशुराम हिंदू आस्था के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं और उनकी तुलना किसी राजनेता से नहीं की जानी चाहिए। इस तरह की तुलना को अनुचित बताते हुए कहा कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने भी इस आयोजन की आलोचना की। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय दिखाई देते हैं, जबकि अन्य समय में वे धर्म से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की धार्मिक पहचान और कांग्रेस की राजनीति को लेकर जनता पहले से ही कई सवाल पूछती रही है। इस प्रकार के आयोजन केवल राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से किए जाते हैं।

वहीं, राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के इस कदम पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि गंगा में दूध चढ़ाना या पूजा-अर्चना करना आस्था का विषय हो सकता है लेकिन किसी जीवित व्यक्ति को भगवान के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है। नेताओं को ऐसे आयोजनों से बचना चाहिए जो धार्मिक प्रतीकों और व्यक्तियों के बीच तुलना का विवाद पैदा करें।

दूसरी ओर, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए अपेक्षाकृत संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में देश को राहुल गांधी से काफी उम्मीदें हैं। उनके अनुसार जन्मदिन केवल उत्सव का अवसर नहीं बल्कि आत्ममंथन का भी समय होता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह तय करना चाहिए कि वे देशहित और जनहित के मुद्दों पर किस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम