बेंगलुरु में ईडी की कार्रवाई, अयूब सैयद समेत 5 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर
बेंगलुरु, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बैंगलोर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बैंगलोर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में अयूब सैयद और अन्य सहित 5 आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त अभियोजन शिकायत दायर की है।
ईडी की जांच सीबीआई, एसीबी, बेंगलुरु द्वारा आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।
ईडी ने अपने एक आधिकारिक बयान में बताया कि जांच से पता चला है कि जाली दस्तावेजों और गलत पहचान का इस्तेमाल करके स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, एचएएल - II स्टेज ब्रांच, बेंगलुरु में डॉ बीआर अंबेडकर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एडीसीए) के नाम से एक फर्जी करंट अकाउंट खोला गया था।
इसके बाद, जाली टीडीआर/एफडीआर इंस्ट्रूमेंट्स और फर्जी प्री-क्लोजर लेटर का इस्तेमाल करके एडीसीएल की 5-5 करोड़ रुपए की चार फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) समय से पहले बंद कर दी गईं। इससे लगभग 14.95 करोड़ रुपए का गबन हुआ, जो पीएमएलए, 2002 के तहत अपराध से प्राप्त आय है।
इसके अलावा, ईडी की जांच में यह भी पता चला कि अपराध से प्राप्त इस रकम को कई व्यक्तियों और संस्थाओं के बैंक अकाउंट्स के जरिए घुमाया और लॉन्डर किया गया। फिर फंड के स्रोत को छिपाने के लिए ट्रांसफर और कैश निकासी की गई। पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों से भी पता चला कि लॉन्ड्रिंग प्रक्रिया के तहत यह रकम जानबूझकर प्राप्त की गई, ट्रांसफर की गई और निकाली गई।
इससे पहले, ईडी की जांच के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल 15 आरोपियों/संस्थाओं के खिलाफ 25 मार्च 2026 को बैंगलोर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की गई थी, जिसमें आरोपियों की लगभग 6.02 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने की मांग की गई थी।
इसके बाद, 22 जुलाई 2026 को दूसरा प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया गया, जिसके तहत एक आरोपी की 24 लाख रुपए की अचल संपत्ति को जब्त किया गया। वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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