बंगाल नाव हादसे पर प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा
कोलकाता, 13 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सुंदरबन के पास बंगाल की खाड़ी एक मछली पकड़ने वाली लापता हुई नाव में नौ मछुआरे मृत पाए गए हैं, जबकि छह मछुआरे लापता हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया है और मृतक के परिवारों और घायलों को आर्थिक मदद की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में नाव पलटने से हुई जानमाल की हानि अत्यंत पीड़ादायक है। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार, रविवार को पुलिस, वन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों ने चुल्काठी जंगल के पास रक्ताचार इलाके में डूबे हुए नाव का पता लगाया। नाव को बाहर निकाल कर तलाशी ली गई तो नौ मछुआरों के शव मिले।
'एफबी मां काली' नाम का यह नाव 2 जुलाई को पूर्वी मिदनापुर जिले के शंकरपुर फिशरीज पोर्ट से 15 मछुआरों के साथ निकला था। बताया जा रहा है कि इलाके में खराब मौसम के कारण 5 जुलाई के बाद नाव से संपर्क टूट गया था। तब से सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में पुलिस, तटरक्षक बल, वन विभाग और मछुआरा संगठनों का एक संयुक्त तलाशी अभियान चल रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि लापता छह मछुआरों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए काकद्वीप सब-डिविजनल अस्पताल भेजा गया है। बाकी मछुआरों का पता लगाने के लिए सोमवार को एक नया संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
सुंदरबन मामलों के राज्य मंत्री दीपांकर जाना ने नाव को किनारे पर लाए जाने के बाद वहां का दौरा किया और तलाशी अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई के बारे में बातचीत चल रही है।
रविवार शाम को सीतारामपुर घाट तक खींचकर लाए जाने से पहले, यह नाव दक्षिण 24 परगना जिले में बक्खाली तट से लगभग 35 किमी दूर चुल्काठी जंगल के पास पलटा हुआ मिला था।
--आईएएनएस
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