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बंगाल चुनाव में पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान, भाजपा नेताओं ने जताया प्रचंड जीत का भरोसा

नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान में रिकॉर्ड वोटिंग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया कि राज्य की 294 सीटों में से यदि भाजपा को 200 से अधिक सीटें मिलती हैं, तो इसमें किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए।
 
बंगाल चुनाव में पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान, भाजपा नेताओं ने जताया प्रचंड जीत का भरोसा

नई दिल्‍ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान में रिकॉर्ड वोटिंग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया कि राज्य की 294 सीटों में से यदि भाजपा को 200 से अधिक सीटें मिलती हैं, तो इसमें किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य में बदलाव की लहर साफ दिखाई दे रही है।

इसी मुद्दे पर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह उच्च मतदान दर पश्चिम बंगाल की जनता की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती का विरोध किया था, लेकिन अब उसके परिणाम सामने हैं। उनके अनुसार, सुरक्षा बलों की मौजूदगी से मतदाताओं में भरोसा बढ़ा और लोग बिना डर के मतदान केंद्रों तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि जनता ने न केवल अपने भविष्य के लिए वोट किया, बल्कि डर के माहौल को भी हराया है। रोहन गुप्ता ने इसे “आजादी के बाद का अप्रत्याशित मतदान प्रतिशत” बताते हुए कहा कि यह आम जनता की जीत है और उन्होंने इसके लिए बंगाल की जनता का आभार व्यक्त किया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने भी पहले चरण के मतदान को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भारी मतदान से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा पहले चरण में ही 110 से अधिक सीटें जीत चुकी है।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दावों का समर्थन करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनाने जा रही है और संभव है कि पार्टी तीन-चौथाई बहुमत भी हासिल कर ले। हुसैन ने आरोप लगाया कि जनता ने इस बार तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से हटाने का मन बना लिया है और इसी कारण रिकॉर्ड मतदान देखने को मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और चुनाव आयोग ने भी स्पष्ट कर दिया है कि किसी प्रकार की हिंसा या दबाव की राजनीति नहीं चलेगी।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी