बेगुनाह लोगों को हिरासत में रखना पूरी तरह गलत: हुसैन दलवई
मुंबई, 5 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली दंगों के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बेगुनाह लोगों को हिरासत में रखना पूरी तरह गलत है।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि मेरे हिसाब से यह फैसला बिल्कुल गलत है। पांच साल बीत गए हैं। क्या किसी मामले की जांच में इतना समय लगता है। उनका कोई संबंध नहीं हैं, वे अपराधी नहीं हैं। वे छात्र हैं। मुझे नहीं लगता कि वे ऐसा कुछ करेंगे। उन्हें इसलिए जेल में रखा जा रहा है क्योंकि वे मुसलमान हैं। जांच के नाम पर किसी को पांच साल तक जेल में रखना गलत है। सुप्रीम कोर्ट को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह का फैसला है, ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग की तरह सुप्रीम कोर्ट भी कार्य कर रही है।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि जिन्होंने हिंसा की है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। बेगुनाह लोगों को हिरासत में रखना पूरी तरह गलत है। यह जांच करना सही है कि वे बेगुनाह हैं या नहीं। क्या जांच करने और फैसला लेने में पांच साल लगते हैं? ऐसा लगता है कि इस मामले में कोई सबूत नहीं है। पुलिस ने जो केस बनाया है, उसमें तथ्य नहीं है।
संघ प्रमुख के लव जिहाद वाले बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा कि मोहन भागवत प्यार के बारे में क्या जानते हैं, उन्होंने कभी इसका अनुभव नहीं किया। महिलाएं तो उनकी शाखाओं में जाती भी नहीं हैं, लड़कियों को मनाही है। एक तरफ आप मनुस्मृति को मानते हैं, जो महिलाओं को कोई जगह नहीं देती। फिर ऐसी बातें क्यों करते हैं? यह ब्राह्मणवादी सोच, ब्राह्मण महिलाओं के साथ भी अन्याय करती है।
दरअसल मोहन भागवत ने कहा है कि लव जिहाद को रोकने की शुरुआत परिवार और घर से होनी चाहिए। परिवार के भीतर संवाद की कमी और मूल्यों की अनदेखी के कारण ऐसे मामलों में लोग प्रभावित होते हैं। ऐसे अपराधों के खिलाफ कड़े कदम आवश्यक हैं।
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 40 दिन की पैरोल मिलने पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि जाति या धर्म के आधार पर फैसला लेना गलत है।
--आईएएनएस
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