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18 महीने बाद टावर से उतरे गुरजीत सिंह खालसा, 'बेअदबी' कानून की मांग को लेकर कर रहे थे प्रदर्शन

मुंबई, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब के पटियाला जिले के समाना इलाके में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर पिछले करीब 18 महीनों से चल रहा पदर्शन आखिरकार शुक्रवार को खत्म हुआ। गुरजीत सिंह खालसा को टेलीकॉम टावर से शुक्रवार सुबह सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
 
18 महीने बाद टावर से उतरे गुरजीत सिंह खालसा, 'बेअदबी' कानून की मांग को लेकर कर रहे थे प्रदर्शन

मुंबई, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब के पटियाला जिले के समाना इलाके में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर पिछले करीब 18 महीनों से चल रहा पदर्शन आखिरकार शुक्रवार को खत्म हुआ। गुरजीत सिंह खालसा को टेलीकॉम टावर से शुक्रवार सुबह सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

बताया जा रहा है कि गुरजीत सिंह खालसा करीब 400 फीट ऊंचे टावर पर बैठकर अपना विरोध जता रहे थे। इतने लंबे समय तक इतनी ऊंचाई पर रहना अपने आप में हैरान करने वाला था। इस दौरान कई बार प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक सरकार बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून नहीं बनाएगी, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे।

अब पंजाब सरकार द्वारा जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026 लागू करने के बाद आखिरकार यह धरना खत्म हो गया। इस कानून के लागू होने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने अपनी मांग पूरी मानते हुए टावर से नीचे उतरने का फैसला लिया।

शुक्रवार सुबह जिला प्रशासन, पंजाब पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ उन्हें नीचे उतारा गया। राहत की बात यह रही कि इतने लंबे समय के बाद भी उन्हें सुरक्षित नीचे लाने में टीम सफल रही।

नीचे उतरने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी और संगत की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून बनाया, जिसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने बताया कि वे 18 महीने 12 दिन बाद टावर से सुरक्षित उतर गए हैं। इस दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह" कहकर धन्यवाद किया और कहा कि यह सब गुरु की कृपा से ही संभव हो पाया।

इस घटना के साथ ही समाना में चल रहा धर्म युद्ध मोर्चा भी समाप्त हो गया। यह मामला काफी समय से चर्चा में था और अब इसके शांतिपूर्ण अंत से प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।

--आईएएनएस

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