बतौर कप्तान हरमनप्रीत के साथ मेरा समय बहुत अच्छा रहा, लेकिन अब भविष्य की ओर देख रहा हूं: कोच मजूमदार
मुंबई, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने शनिवार को कहा कि टीम के लिए एक विशेष टी20 अंतरराष्ट्रीय (टी20आई) टीम तैयार करने में अब ज्यादा समय नहीं लगेगा। उनका मानना है कि क्रिकेटर्स की नई पीढ़ी खेल के सबसे छोटे प्रारूप की मांगों को पूरा करने के लिए पहले से कहीं बेहतर तरीके से तैयार है। कोच मजूमदार ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत कौर के साथ उनका समय अच्छा रहा, लेकिन अब भविष्य की ओर देखा जा रहा है।
भारत मौजूदा वनडे वर्ल्ड कप चैंपियन है, जिसने 2025 में नवी मुंबई में खिताब जीता था, लेकिन टीम अभी तक भारतीय महिला टीम टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत सकी है।
अमोल मजूमदार ने कहा, "ज्यादा समय नहीं लगेगा। हम पहले ही उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कुछ बेहतरीन प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। मैंने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में जो टैलेंट देखा है, जहां भारत की अंडर-15 और अंडर-19 टीमों के कैंप लगते हैं, वह वाकई शानदार है।"
मजूमदार ने 'स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ मुंबई' (एसजेएम) की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, "सीओई में बहुत बढ़िया काम हो रहा है। ये कैंप इस बात का अच्छा उदाहरण हैं कि इस समय भारतीय महिला क्रिकेट किस स्थिति में है। मुझे यकीन है कि यह एक अच्छी स्थिति में है।"
उन्होंने आगे कहा कि युवा खिलाड़ी समझते हैं कि आज के टी20 क्रिकेट की क्या मांग है। मजूमदार ने कहा, "वे पूरी तरह से तैयार हैं। वे पेशेवर हैं। यहां तक कि अंडर-15 खिलाड़ी भी पेशेवर हैं। वे खेल के लिए जरूरी पोषण के महत्व को समझते हैं। वे खेल में फिटनेस के महत्व को समझते हैं। वे फील्डिंग को समझते हैं। वे बेहतरीन फील्डर हैं। वे अच्छे एथलीट हैं। वे जानते हैं कि क्रिकेट में शारीरिक क्षमता बहुत अहम है। आप जल्द ही देखेंगे कि जब नई पीढ़ी कमान संभालेगी, तो भारतीय क्रिकेट बहुत अच्छी स्थिति में होगा।"
घरेलू क्रिकेट में इतने वर्षों के अनुभव के कारण मजूमदार के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पहचानने की अच्छी परख है। हालांकि, उन्होंने कहा कि खिलाड़ी के कौशल के साथ-साथ यह भी मायने रखता है कि वह सीखने के लिए कितना तैयार है। उन्होंने कहा, "मैं देखता हूं कि क्या खिलाड़ी सीखना चाहता है या नहीं? अगर वह सीखने के लिए तैयार है, तो यह उसके शारीरिक हाव-भाव से पता चल जाता है। आपको खिलाड़ी के शारीरिक हाव-भाव को समझना सीखना होगा। पिछले कुछ वर्षों में, मैंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में काफी समय बिताया है। मैं समझता हूं कि मैदान पर किसी खिलाड़ी के शारीरिक हाव-भाव देखकर उसके बारे में काफी कुछ जाना जा सकता है। मैं ऐसे संकेतों को समझने की कोशिश करता हूं।
उन्होंने कहा, "कभी-कभी आपको खिलाड़ी की उस जगह (स्पेस) का सम्मान करना पड़ता है, जो वह चाहता है। एक कोच के तौर पर आपके पास खिलाड़ी को बताने के लिए 10,000 बातें हो सकती हैं, लेकिन यह देखना भी जरूरी है कि क्या वह खिलाड़ी उस समय आपकी बातों को समझने की मानसिक स्थिति में है या नहीं।"
सोमवार को भारत के विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 जीतने की पहली वर्षगांठ है। इस मौके पर मजूमदार ने कहा, "अगर मुझे किसी एक चीज को चुनना हो, तो मैं कहूंगा कि टीम में एकता और ड्रेसिंग रूम का माहौल। इसी एकता की वजह से ड्रेसिंग रूम का माहौल बहुत हल्का-फुल्का और खुशनुमा था। वहां एक तरह की हलचल और उत्साह था, और मुझे ऐसा माहौल बनाना पसंद है।"
हरमनप्रीत कौर की जगह स्मृति मंधाना के कप्तान बनने पर, मजूमदार ने पूर्व कप्तान की तारीफ करते हुए कहा, "एक कप्तान के तौर पर हरमन के साथ मेरा समय बहुत अच्छा रहा, लेकिन अब मैं भविष्य की ओर भी देख रहा हूं। पूरे सम्मान के साथ कहूं तो, बतौर कप्तान उनका बर्ताव और काम करने का तरीका शानदार था। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि एक कोच के तौर पर मुझे उनके साथ तीन साल बिताने का मौका मिला। मैं उनके कप्तान वाले नजरिए को समझ सका... एक लीडर के तौर पर उनकी सोच को जान सका। मैं सच में खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानता हूं।"
--आईएएनएस
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