'बारिश नहीं, प्रभु का आशीर्वाद है'... पुरी पहुंचे लाखों श्रद्धालु, जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंजा शहर
पुरी, 16 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा को लेकर भक्तों में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। रथयात्रा के दिन पुरी में रुक-रुक कर बारिश जारी रही, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। भारी बारिश के बावजूद लाखों की संख्या में भक्त भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए एकत्रित हुए।
भक्तों का कहना है कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में बारिश कोई बाधा नहीं है, बल्कि यह प्रभु का आशीर्वाद है। उनका कहना है कि रथयात्रा के दौरान बारिश होना कोई नई बात नहीं है और वे पहले से ही इसके लिए तैयार रहते हैं। भक्तों के लिए सबसे बड़ा उत्साह भगवान के दर्शन करना और रथ खींचने के पवित्र अवसर का हिस्सा बनना है।
श्री जगन्नाथ मंदिर के चुनरा सेवायत शरत मोहंती ने बताया कि मंदिर के अंदर सभी महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि मंदिर की सभी नीतियां इतनी जल्दी पूरी हुई हों। उनके अनुसार ऐसा प्रतीत हो रहा है कि स्वयं भगवान जगन्नाथ की इच्छा है कि वे जल्द से जल्द मंदिर से बाहर निकलकर लाखों भक्तों को रथ पर विराजमान होकर दर्शन दें।
उन्होंने बताया कि मंगला आरती के बाद भगवान की स्नान पूजा और अन्य विधियां संपन्न हुईं। इसके बाद भगवान का श्रृंगार और विशेष वेश धारण कराया गया। फिर गोपाल वल्लभ भोग और सकाल धूप यानी राजभोग के रूप में खिचड़ी भोग अर्पित किया जाएगा। इसके बाद भगवान को मंगला अर्पण कर रथारोहण की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद पाहांडी बिजे की परंपरा निभाई जाएगी, जिसमें भगवान के विग्रहों को क्रम से मंदिर से बाहर लाया जाता है। सबसे पहले चक्रराज सुदर्शन, फिर भगवान बलभद्र, माता सुभद्रा और अंत में भगवान जगन्नाथ रथ पर विराजमान होंगे।
शरत मोहंती ने कहा कि बारिश के बावजूद लाखों भक्त बड़दांड में भगवान के आगमन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जैसे ही भगवान बाहर आएंगे, घंटों, मृदंग और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की ध्वनि से पूरा वातावरण गूंज उठेगा। भक्तों की निगाहें उस दिव्य क्षण पर टिकी हुई हैं, जब महाप्रभु रथ पर विराजमान होकर सभी को दर्शन देंगे।
रथयात्रा में शामिल एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से उन्हें बचपन से ही पुरी आने और रथयात्रा देखने का सौभाग्य मिलता रहा है। उन्होंने बताया कि बचपन में जब वह लोगों को भगवान का रथ खींचते हुए देखती थीं, तो उनके मन में भी इच्छा होती थी कि एक दिन उन्हें भी यह अवसर मिले। कक्षा 10वीं के बाद भगवान की कृपा से उन्हें हर साल रथ खींचने और दर्शन करने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि उनकी प्रार्थना है कि जीवन की अंतिम सांस तक भगवान जगन्नाथ उन्हें रथयात्रा से दूर न करें और हमेशा अपना आशीर्वाद बनाए रखें। बारिश और भीड़ को लेकर उन्होंने कहा कि वह भीड़ देखने नहीं, बल्कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने आती हैं। उनके लिए यह कोई मेला नहीं, बल्कि भगवान और भक्तों का दिव्य मिलन है।
उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि रथयात्रा में आने वाला हर व्यक्ति भगवान की कृपा से यहां पहुंचता है। चाहे पुलिसकर्मी हों, कर्मचारी हों या सेवा में लगे अन्य लोग, सभी को यह अवसर भगवान के आशीर्वाद से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि देवी-देवता भी अलग-अलग रूपों में यहां उपस्थित रहते हैं और भगवान जगन्नाथ की सेवा करते हैं।
मुंबई से आए एक भक्त ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के प्रति प्रेम और आस्था ही उन्हें यहां खींच लाई है। वहीं कई अन्य श्रद्धालुओं ने कहा कि पहली बार पुरी आकर उन्हें बेहद आनंद और आध्यात्मिक शांति का अनुभव हो रहा है। कुछ भक्त परिवार के साथ दूसरी बार यहां पहुंचे हैं और उन्होंने बताया कि उनका आने का कोई निश्चित कार्यक्रम नहीं था, लेकिन भगवान की कृपा से वे रथयात्रा में शामिल हो सके।
रथयात्रा में शामिल ओडिसी नृत्य कलाकारों ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। एक कलाकार ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के सामने सेवा करने का अवसर उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि प्रभु की उपस्थिति में नृत्य करना उनके लिए अनमोल अनुभव है और इससे बड़ा आनंद जीवन में कुछ नहीं हो सकता।
एक अन्य कलाकार ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद भगवान जगन्नाथ की दिव्यता के सामने यह बारिश बहुत छोटी लगती है। उन्होंने कहा कि वह भगवान जगन्नाथ मंदिर की पारंपरिक देवदासी नृत्य परंपरा से जुड़ी हैं और उसी परंपरा के अनुरूप पारंपरिक वेशभूषा पहनकर भगवान की सेवा कर रही हैं।
लगातार बारिश के कारण पुरी शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी बनी, लेकिन प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए। सुरक्षा कर्मी, स्वयंसेवक और प्रशासनिक अधिकारी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे रहे।
--आईएएनएस
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