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बरगी डैम क्रूज हादसा: मृतकों के शवों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली-कोयंबटूर भेजा गया

जबलपुर, 2 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में हुए बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद मृतकों के पार्थिव शरीरों को उनके गृह नगर तक पहुंचाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। इस संबंध में प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
 
बरगी डैम क्रूज हादसा: मृतकों के शवों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली-कोयंबटूर भेजा गया

जबलपुर, 2 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में हुए बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद मृतकों के पार्थिव शरीरों को उनके गृह नगर तक पहुंचाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। इस संबंध में प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

जबलपुर जनसंपर्क विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 8 बजे तीन पार्थिव देहों को जबलपुर एयरपोर्ट से इंडिगो एयरलाइंस की नियमित उड़ान के माध्यम से दिल्ली के लिए रवाना किया गया। सभी औपचारिकताओं को पूरा कर शवों को उनके गृह नगर भेजने की व्यवस्था की गई।

वहीं, दो अन्य पार्थिव देहों को दोपहर बाद शाम 3:20 बजे कोयंबटूर के लिए एयरलिफ्ट किया गया। इन पार्थिव शरीरों के साथ मृतकों के दो परिजन भी रवाना हुए हैं, जो वहां पहुंचकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

बता दें कि यह दर्दनाक हादसा गुरुवार शाम हुआ था। हादसे के वक्त क्रूज में 41 लोग सवार थे। ताजा जानकारी के अनुसार, इस घटना में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4 लोग अभी लापता हैं। लापता लोगों में तीन बच्चे और एक वयस्क शामिल हैं। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार उन्हें ढूंढने की कोशिश कर रही हैं।

पुलिस-प्रशासन के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद 28 लोगों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया गया था। ये सभी लोग अब सुरक्षित हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के आखिरी पलों की जानकारी मिल सके। वहीं, बाकी लोगों की तलाश अभी जारी है।

जबलपुर के सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (बरगी जोन) अंजुल अयंक मिश्रा ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि फिलहाल इस मामले में (सीआरपीसी की धारा 174 के तहत सूचना रिपोर्ट) दर्ज कर ली है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी शव बरामद नहीं हो जाते, तब तक आगे की विस्तृत जांच शुरू नहीं की जाएगी। पहले सभी लापता लोगों को ढूंढना प्राथमिकता है।

हादसे के बाद से ही सेना के गोताखोर, आपदा राहत दल और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। नदी के बहाव और जलाशय की गहराई को देखते हुए सर्च ऑपरेशन को काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। इसके बावजूद टीमों ने सर्च एरिया को बढ़ाकर लगभग 5 किलोमीटर डाउनस्ट्रीम तक फैला दिया है, ताकि कोई भी सुराग छूट न जाए।

--आईएएनएस

पीएसके